डिफेंडर और पोर्श से चलने वाले सतुआ बाबा कौन हैं? माघ मेले में जिनका स्टाइल देखकर दंग हैं लोग

माघ मेले में डिफेंडर और पोर्श कार की सवारी को लेकर विवादों में आए सतुआ बाबा ने कहा, “महंगी गाड़ियां भोगियों की नहीं, योगियों की हैं.”

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  • माघ मेले में सतुआ बाबा पोर्श कार में घूमते हुए नजर आए, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया में हो रही है
  • सतुआ बाबा ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये संसाधन योगियों के लिए हैं, भोगियों के लिए नहीं
  • बाबा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी दिल्ली यात्रा में प्राइवेट जेट में सफर करते हुए तस्वीर पोस्ट की
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प्रयागराज:

माघ मेले में इस बार सतुआ बाबा चर्चा में हैं. पहले उनकी डिफेंडर कार के साथ वायरल हुई तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचाई, और अब बाबा को पोर्श कार में घूमते देखा गया है. इन तस्वीरों और वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.  डिफेंडर कार के साथ उनका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि साधु-संतों को इतनी महंगी गाड़ियों की क्या जरूरत है. 

सोशल मीडिया पर दिया जवाब

विवाद बढ़ने पर सतुआ बाबा ने देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया.  इस वीडियो में वह कभी ठेले पर बैठे नजर आए, कभी ऊंट पर सवार दिखे, और फिर डिफेंडर कार में भी दिखाई दिए. इसके बाद उन्होंने विरोधियों को जवाब देते हुए अपनी दिल्ली यात्रा का वीडियो साझा किया, जिसमें वह प्राइवेट जेट में सफर करते दिखे.

अब पोर्श में सवारी

ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब बाबा माघ मेले में पोर्श कार में घूमते नजर आए. इस पर एनडीटीवी से बातचीत में सतुआ बाबा ने कहा,"ये संसाधन भोगियों के नहीं, योगियों के हैं" उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "एक समय था जब सरकार में रहते हुए प्राइवेट जहाजों पर नाच-गाने वालों को बुलाया जाता था. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी का दौर है, जब सनातन का डंका देश-दुनिया में बज रहा है."

क्यों हो रहा है विवाद?

सतुआ बाबा के इन बयानों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. कई लोग इसे साधु-संतों की जीवनशैली के विपरीत बता रहे हैं, जबकि बाबा का कहना है कि आधुनिक संसाधनों का उपयोग साधु-संतों के लिए गलत नहीं है. माघ मेले में सतुआ बाबा की मौजूदगी और उनके बयान ने यह साफ कर दिया है कि वह आलोचनाओं से पीछे हटने वाले नहीं हैं. 

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