- मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 7 ने सातारा में पकड़ी गई MD ड्रग्स फैक्ट्री मामले में बड़ा खुलासा किया है
- सोलापुर जेल के पुलिसकर्मी बालू चव्हाण को मुख्य आरोपी फैयाज शेख को मदद देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है
- फैयाज शेख जेल में रहते हुए भी मोबाइल फोन के जरिए ड्रग्स कारोबार का नेटवर्क सक्रिय रूप से संचालित कर रहा था
मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 ने सातारा में पकड़ी गई MD ड्रग्स फैक्ट्री मामले में एक बड़ा खुलासा किया है. जांच के दौरान सोलापुर जेल में तैनात जेल पुलिसकर्मी बालू चव्हाण को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उसने जेल में बंद मुख्य आरोपी फैयाज शेख को बाहर ड्रग्स का धंधा चलाने में मदद की.
जेल के अंदर से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, सातारा ड्रग्स फैक्ट्री का कथित मास्टरमाइंड फैयाज शेख पिछले करीब डेढ़ साल से सोलापुर जेल में बंद है. लेकिन जेल में रहते हुए भी उसका नेटवर्क सक्रिय था. जांच में सामने आया है कि जेल पुलिसकर्मी बालू चव्हाण अपना मोबाइल फोन फैयाज को इस्तेमाल करने देता था. इसी मोबाइल के जरिए वह अपने गिरोह से संपर्क में रहता और ड्रग्स के पूरे कारोबार को कंट्रोल करता था. बताया जा रहा है कि इस मदद के बदले बालू चव्हाण को मोटी रकम दी जा रही थी. पुलिस को शक है कि सातारा में फैक्ट्री शुरू कराने में भी उसी की भूमिका रही.
115 करोड़ की MD ड्रग्स जब्त
क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को सातारा जिले के जावली तालुका के सावरी गांव के एक खेत में MD ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री शुरू की गई थी. लेकिन 13 दिसंबर 2025 को मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 7 ने समय रहते छापा मारकर इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया. कार्रवाई के दौरान करीब 115 करोड़ रुपये कीमत की MD ड्रग्स और बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल जब्त किया गया. इस पूरे मामले का सुराग तब मिला जब पुलिस ने मुलुंड इलाके में MD बेच रहे एक आरोपी को दबोचा. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर सातारा में रेड की गई और पूरा रैकेट सामने आया.
दुबई कनेक्शन भी आया सामने
जांच में यह भी सामने आया है कि फैयाज शेख का बेटा फहाद दुबई में बैठकर इस नेटवर्क को समन्वयित कर रहा था. पुलिस ने उसे भी इस मामले में आरोपी बनाया है और वांटेड घोषित किया है. सूत्रों का कहना है कि फहाद विदेश से ही पैसों के लेनदेन और ड्रग्स की सप्लाई की व्यवस्था संभाल रहा था.
21 फरवरी तक पुलिस कस्टडी
गिरफ्तार किए गए जेल पुलिसकर्मी बालू चव्हाण को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 21 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मनी ट्रेल की भी जांच की जा रही है.
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