सिंगापुर से भारत लाया गया अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का करीबी संतोष सावंत

डीके राव के पास गैंग से जुड़े अपराधों की एक्टिविटी को अंजाम देने का काम था, तो सावंत राजन की काली कमाई का हिसाब किताब देखने लगा.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
साल 2000 में संतोष सावंत के प्रत्यार्पण को लेकर कागजी कार्रवाई की शुरुआत हुई थी.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छोटा राजन के साथी संतोष सावंत को सिंगापुर से डिपोर्ट कर लाया गया है. सिंगापुर में रहकर सावंत होटल कारोबार की आड़ में छोटा राजन के लिए काम कर रहा था. संतोष सावंत राजन का फाइनेंस का काम देखता था और दो दशक से फरार था. जानकारी के अनुसार संतोष सावंत को पहले सीबीआई कस्टडी लेगी, उसके बाद क्राइम ब्रांच द्वारा इसे कस्टडी में लिया जाएगा. क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली में लैंड करते ही सावंत को CBI ने कस्टडी में ले लिया है.

संतोष सावंत लगभग 22 सालों से राजन गैंग से जुड़ा हुआ है. सावंत छोटा राजन के सबसे करीबी लोगों में से एक है और  डीके  राव के बाद गैंग में सावंत नम्बर दो पर था. जब साल 2000 में छोटा राजन पर हमला हुआ था. उसके बाद रवि पुजारी, हेमंत पुजारी, बंटी पांडे और विजय शेट्टी जैसे उसके नजदीकियों ने उसका साथ छोड़ दिया था. लेकिन सावंत ने छोटा राजन का साथ नहीं छोड़ा और जल्द ही राजन का करीबी बन गया.

ये भी पढ़ें- जातिगत जनगणना पर गरमाई सियासत, 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का होगा मुख्‍य मुद्दा?

सूडान में फंसे भारतीयों को लेकर सऊदी, UAE ने मदद का दिया आश्वासन

डीके राव के पास गैंग से जुड़े अपराधों की एक्टिविटी को अंजाम देने का काम था, तो सावंत राजन की काली कमाई का हिसाब किताब देखने लगा. राजन कंपनी की प्रॉपर्टी डीलिंग और फाइनेंस को उसने पुरी तरह टेकओवर कर लिया था. साल 2000 में उसके प्रत्यार्पण को लेकर कागजी कार्रवाई की शुरुआत हुई थी. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी था. 

Video : मध्य प्रदेश के शहडोल में दो मालगाड़ियों की टक्कर, 1 की मौत

Advertisement
Featured Video Of The Day
West Bengal Elections 2026 Exit Poll Results: बंगाल में पहली बार BJP बहुमत के करीब? Mamata Banerjee
Topics mentioned in this article