- रसिक दुलारी शरण की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, जिसमें उसके प्राइवेट पार्ट कटे होने की बात सामने आई है.
- प्रेमानंद महाराज के आश्रम ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने और अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया है.
- मथुरा के वकील ने SIT जांच के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर न्याय की मांग की है.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना है. रसिक दुलारी ने छत से कूदकर जान दे दी थी. जांच में उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला था. बाद में रसिक दुलारी की मौत से जुड़ा सीसीटीवी भी सामने आया था. जिसमें वो छत से छलांग लगाता नजर आया था. इस घटना के 9 दिन बीत चुके हैं. लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि रसिक दुलारी ने ऐसा फैसला क्यों लिया? इस बीच अब पहली बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम की ओर से बयान सामने आया है.
राधा केली कुंज ने जारी किया बयान
प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित 'श्रीहित राधा केली कुंज' आश्रम ने रसिक दुलारी की मौत मामले में एक प्रेस नोट जारी कर अपना बयान साझा किया है. प्रेस नोट में आश्रम ने लिखा कि साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की दुखद मृत्यु से संत प्रेमानंद व समस्त आश्रम परिवार आहत है. ट्रस्ट साधक के परिवार के साथ पूरी तरह संवेदना और सहानुभूति प्रकट करता है.
प्रेमानंद महाराज के आश्रम की ओर से शिष्य रसिक दुलारी की मौत पर सामने आया बयान.
'जांच में पूरा सहयोग कर रहे, अनुमान पर बयान न दें'
आश्रम ने आगे कहा कि ट्रस्ट पुलिस की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग कर रहा है. जांच पूरी होने तक ट्रस्ट सभी श्रद्धालुओं, साधकों और आमजनमानस से किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी, अफवाह अथवा अनुमान के आधार पर संत प्रेमानंद और आश्रम की छवि को धूमिल करने वाला बयान अथवा प्रचार न करें. पुलिस की निष्पक्ष जांच में घटना के वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाएगा.
सांसारिक जीवन से मोहभंग होने के कारण वह वापस अपने घर नहीं लौटना चाहता था. लापता लड़के के लिए उसके परिजनों ने केली कुंज आश्रम के धरना दिया था. पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था. उसके बाद लकड़ा अनुज चौधरी पुलिस बरसाना में मिल गया.
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