- गणतंत्र दिवस परेड में अर्जुन एमके‑I टैंक की 120 मिमी राइफल्ड गन भारतीय सेना की मारक क्षमता का प्रतीक है
- अर्जुन टैंक में उन्नत अग्नि‑नियंत्रण प्रणाली, थर्मल साइट्स, कवच और एनबीसी सुरक्षा जैसे फीचर्स शामिल हैं
- गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया और तिरंगा फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई
गणतंत्र दिवस परेड में जब भारी-भरकम टैंक कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हैं, तो दर्शकों की निगाहें सबसे पहले उनके विशाल तोपों पर टिक जाती हैं. कई लोग अक्सर जानना चाहते हैं कि आखिर इन टैंकों पर लगी यह शक्तिशाली बंदूक क्या है? इस साल परेड में दिखाई देने वाला अर्जुन एमके‑I मुख्य युद्धक टैंक वही स्वदेशी प्लेटफॉर्म है, जिसकी 120 मिमी राइफल्ड गन भारतीय सेना की मारक क्षमता का प्रतीक मानी जाती है.
यह गन लंबी दूरी तक घातक प्रहार करने में सक्षम है. अर्जुन टैंक उन्नत अग्नि‑नियंत्रण प्रणाली, थर्मल साइट्स, कंचन कवच और एनबीसी (न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल, केमिकल) सुरक्षा जैसे उच्चस्तरीय फीचर्स से लैस है. यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और आधुनिक युद्धक जरूरतों को पूरा करने की क्षमता का मजबूत संदेश देता है.
77वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया. तिरंगा फहरते ही राष्ट्रगान की धुन गूंजी और स्वदेशी 105 मिमी गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया. इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलामी मंच पर दोनों अतिथियों का स्वागत किया.
इस वर्ष की परेड में ‘वंदे मातरम' के 150 वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र हैं. इसके साथ ही ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइल प्रणालियाँ भारत की सैन्य शक्ति को दर्शाती हुई कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ेंगी. कुल 30 रंगीन झांकियां देश की सांस्कृतिक विविधता का अनोखा संगम पेश करेंगी. पिछले वर्ष लॉन्च हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बाद आयोजित यह पहली परेड है, जिसमें अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के साथ 29 विमानों की प्रभावशाली फ्लाईपास्ट होगी. राफेल, सुखोई‑30, सी‑295, मिग‑29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच और एमआई‑17 जैसे विमान आसमान में विभिन्न फॉर्मेशन में प्रदर्शन करेंगे, जो इस साल परेड का सबसे रोमांचक हिस्सा साबित होगा.
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