कर्तव्य पथ तैयार, भारत आज मना रहा है 77वां गणतंत्र दिवस, जानिए परेड की टाइमिंग से लेकर हर खास बात

भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, कर्तव्य पथ पर परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और डीडी तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव प्रसारित होगी. ‘वंदे मातरम’ थीम वाली इस परेड में ईयू के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि होंगे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारत 77 वां गणतंत्र दिवस नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विविधता के साथ मना रहा है
  • परेड सुबह दस बजकर तीस मिनट से शुरू होकर करीब नब्बे मिनट तक चलेगी तथा दूरदर्शन इसका लाइव प्रसारण करेगा
  • इस वर्ष की थीम "वंदे मातरम" है, जो राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चुनी गई है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

भारत आज अपना 77 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय गौरव, सैन्य पराक्रम और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय संगम परेड में देखने को मिलेगा. परेड ठीक सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी, जबकि दूरदर्शन इसका लाइव प्रसारण सुबह 8 बजे से ही आरंभ हो जाएगा. यह क़रीब 90 मिनट तक चलेगा. दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों के साथ-साथ कई सरकारी वेबसाइटें तथा देशभर के प्रमुख समाचार चैनल भी विभिन्न भारतीय भाषाओं में कमेंट्री सहित इस आयोजन का सीधा प्रसारण करेंगे.

वंदे मातरम है थीम

इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम “वंदे मातरम” रखी गई है. केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसे थीम के रूप में चुना है. इस अवसर पर "वंदे मातरम के 150 वर्ष" शीर्षक वाली एक विशेष झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें भारत की सभ्यतागत धरोहर, सांस्कृतिक निरंतरता, और सामूहिक विरासत को दर्शाने वाले दृश्य शामिल होंगे.

मुख्य अतिथि कौन हैं?

मंत्रालय के अनुसार, यह झांकी भारत की पहचान, आध्यात्मिक वैभव और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का कलात्मक प्रदर्शन होगी. समारोह का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. इस बार मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय यूनियन के दो शीर्ष नेता यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन  शामिल हो रहे हैं. उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार को ही भारत पहुंच चुकी हैं. उनकी और कोस्टा की उपस्थिति को भारत-ईयू संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

40 देशों के बौद्ध भिक्षु भी लेंगे हिस्सा

इस बार परेड की विशेषताओं में एक और महत्वपूर्ण पहलू जुड़ गया है.  संस्कृति मंत्रालय ने जानकारी दी कि दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘वैश्विक बौद्ध सम्मेलन' के प्रतिभागी 40 देशों के बौद्ध भिक्षु कर्तव्य पथ पर परेड के गणमान्य अतिथियों में शामिल रहेंगे. यह कदम भारत के सांस्कृतिक कूटनीति प्रयासों और बौद्ध परंपरा से उसके गहरे संबंधों को सशक्त रूप से सामने लाता है. 

कर्तव्य पथ पर आज का दिन भारत की सैन्य शक्ति, तकनीकी प्रगति, परंपरागत कलाओं और विविध सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन पेश करेगा. देशभर के नागरिक इस ऐतिहासिक आयोजन को टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव देख सकेंगे. 

ये भी पढ़ें:- दिल्ली में बादल छाए, क्या 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर होगी बारिश, जानें कैसा रहेगा मौसम

Featured Video Of The Day
Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस देश के जवानों के लिए क्यों अहम? Major Gaurav Arya ने बताया
Topics mentioned in this article