सियासी दंगल के बाद संभल नहीं जा सके राहुल और प्रियंका गांधी, पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर से वापस भेजा

संभल की एक अदालत के आदेश पर 24 नवंबर को मुगलकालीन मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मृत्यु हुई थी. राहुल गांधी दिल्ली से संभल के लिए निकल गए हैं.

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नई दिल्ली:

संभल में हुई हिंसा के बाद विपक्षी दलों की तरफ से सरकार पर लगातार हमले हो रहे हैं. इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) बुधवार को दिल्ली से संभल जाने के लिए निकली. पुलिस की तरफ से कांग्रेस नेताओं को संभल जाने से रोकने के लिए जगह-जगह पर बैरिकेडिंग लगाए गए हैं. दोनों ही नेताओं को पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया. दोनों ही नेताओं को पुलिस ने वापस दिल्ली भेज दिया. अब राहुल गांधी वापस संसद जाएंगे. 

गाजीपुर बॉर्डर पर राहुल गांधी को रोका गया

संभल जा रहे राहुल गांधी को गाजीपुर बॉर्डर पर रोक दिया गया है. उनके साथ इस दौरान प्रियंका गांधी भी नजर आ रही हैं.

राहुल गांधी को संभल जाने से रोकने के लिए यूपी पुलिस की तरफ से कई तैयारी की गयी है. जगह-जगह पर पुलिस बल की तैनाती है वहीं बैरिकेडिंग भी लगाए गए हैं. इस बीच इसका असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ा है. वाहनों की लंबी कतार देखी जा रही है.

गौरतलब है कि संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने पड़ोसी जिलों में तैनात पुलिस के अधिकारियों को एक पत्र लिखकर उनसे राहुल गांधी को उनके जिलों की सीमाओं पर रोकने का आग्रह किया था. 

आराधना मिश्रा हाउस अरेस्ट
राहुल गांधी के संभल जाने के कार्यकम को देखते हुए लखनऊ में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना को आज फिर किया गया हाउस अरेस्ट. आराधना मिश्रा आज भी संभल जाने की कोशिश कर रही हैं. सुबह से ही पुलिस ने उनके गेट को बंद कर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया है.

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संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के पुलिस आयुक्तों तथा अमरोहा और बुलंदशहर जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र लिखकर उनसे राहुल गांधी को उनके जिलों की सीमाओं पर रोकने का आग्रह किया. संभल में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक शनिवार को खत्म हो रही थी। हालांकि, जिलाधिकारी पेंसिया ने इसे बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दिया था.

संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया है कि वे 10 दिसंबर तक जिले में न आएं. इसके लिए उन्हें संदेश भी भेजा गया है और उन्हें संभल जिले में बीएनएसएस 163 के लागू होने के बारे में भी जानकारी दी गई है.  मुझे उम्मीद है कि वे संभल की शांति व्यवस्था बनाए रखने में हमारा सहयोग करेंगे.'

संभल में क्या हुआ था?
संभल की एक अदालत के आदेश पर 24 नवंबर को मुगलकालीन मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मृत्यु हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे. अदालत में दायर वाद में दावा किया गया है कि मस्जिद की जगह कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था. राहुल गांधी के संभल दौरे के बारे में पूछे जाने पर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि “संभल में पहले से ही बीएनएसएस की धारा 163 लागू है. किसी को भी संभल आने की अनुमति नहीं है. यदि वह आते हैं तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा.”

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