- राहुल गांधी ने कांशीराम की 92वीं जयंती पर उन्हें भारत रत्न पुरस्कार देने की मांग की है
- कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह प्रस्ताव भेजा है
- कांशीराम भारतीय राजनीति में बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं
बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की आज 92वीं जयंती है. बसपा सुप्रीमो मायावती इस मौके पर लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी. अब कांग्रेस ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए पीएम मोदी से बड़ी मांग कर दी है. लोकसभा सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बसपा के जनक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है.
राहुल गांधी ने की कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग
सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि मैं आशा करता हूं कि आप कुशल होंगे.आज जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनके योगदानों को याद कर रहे हैं, तो मैं आपको यह पत्र उन्हें मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने के अनुरोध के साथ लिख रहा हूं. राहुल ने आगे लिखा कि कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति के स्वरूप को बदल दिया. अपने आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने बहुजनों और गरीबों के बीच राजनीतिक जागरूकता पैदा की. उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि उनका वोट, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व बहुत महत्वपूर्ण है और यह देश समान रूप से सबका है.उनके प्रयासों के कारण ही बहुत से लोग जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में नहीं सोचा था, उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता पाने के माध्यम के रूप में देखना शुरू किया.
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लखनऊ के एक कार्यक्रमें भी उठी थी ये मांग...
राहुल गांधी ने आगे कहा कि हमारा संविधान हर भारतीय के लिए समानता, सम्मान और भागीदारी का वादा करता है.कांशीराम जी ने समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के लिए इन वादों को सार्थक बनाने में अपना जीवन समर्पित कर दिया. ऐसा करके उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया और हमारी राजनीतिक व्यवस्था को अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण बनाया. राहुल ने कहा कि कई वर्षों से, दलित बुद्धिजीवी, नेता और कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग कर रहे हैं. उनकी यह मांग निरंतर और बहुत गहरी रही है. लोकसभा सांसद ने आगे लिखा कि हाल ही में मैं लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था. वहां उपस्थित नेताओं और प्रतिभागियों की ओर से इस मांग को फिर से जोर-शोर से दोहराया गया, जो कि जनता की व्यापक भावना को दर्शाता है.
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राहुल ने आगे लिखा कि मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना हमारे राष्ट्र के प्रति उनके अपार योगदान को एक सही पहचान देगा.यह उन करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान होगा जो उन्हें आज भी सशक्तिकरण और आशा के प्रतीक के रूप में देखते हैं. मुझे आशा है कि सरकार इस अनुरोध पर गंभीरता से विचार करेगी.














