- राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी पंक्ति में बैठाने को लेकर विवाद
- कांग्रेस ने एलके आडवाणी की तस्वीर दिखाकर भारतीय जनता पार्टी को घेरा है
- राजकीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वरीयता क्रम के अनुसार ही होती है
गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बिठाया गया. कांग्रेस का आरोप है कि बैठने की यह व्यवस्था प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और उसने अपने दावे को पुख्ता करने के लिए 2014 की एक तस्वीर भी पेश की है. लेकिन सवाल है कि इस मामले में प्रोटोकॉल क्या कहता है?
कांग्रेस ने आडवाणी की तस्वीर दिखाई
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि यह बीजेपी द्वारा राहुल गांधी का अपमान करने के लिए जानबूझकर किया गया था. 2014 की एक तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने एलके आडवाणी की बैठने की स्थिति की ओर इशारा करते हुए पूछा कि देखिए एलके आडवाणी जी तब कहां बैठे थे. अब इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन क्यों? क्या मोदी और शाह खरगे जी और राहुल जी का अपमान करना चाहते हैं? 2014 में एलके आडवाणी न तो राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे और न ही लोकसभा में. हालांकि, अरुण जेटली, जो उस पुरानी तस्वीर में पहली पंक्ति में दिख रहे हैं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. उस समय सुषमा स्वराज लोकसभा में विपक्ष की नेता थीं.
सुरजेवाला ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, 'क्या देश में विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी शिष्टाचार, परंपरा और प्रोटोकॉल के मानकों को पूरा करता है? यह केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की हताशा को दर्शाता है.'
प्रोटोकॉल क्या है?
केंद्र सरकार ने अभी तक आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजकीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वरीयता क्रम के अनुसार ही होती है. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति, उप प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल मंत्री, मुख्यमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों के बाद विपक्ष के नेता सातवें स्थान पर होते हैं.
बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
बीजेपी ने कांग्रेस पर इस कार्यक्रम का "राजनीतिकरण" करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ट्विटर पर लिखा, 'राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठने की चिंता नहीं है; वे इस बात से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब पूरा देश कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रदर्शन का जश्न मना रहा था, तब उन्हें फोन पर व्यस्त पकड़ा गया'.
प्रदीप भंडारी का पोस्ट
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ट्विटर पर लिखा, 'राहुल गांधी को इस बात की चिंता नहीं है कि वे तीसरी पंक्ति में बैठे थे; वे इस बात से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब पूरा देश कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रदर्शन का जश्न मना रहा था, तब उन्हें फोन पर व्यस्त पकड़ा गया' इस ताजा विवाद ने पिछले गणतंत्र दिवस की यादें ताजा कर दी हैं, जब बीजेपी ने कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के लिए खरगे और गांधी की आलोचना की थी. बीजेपी के अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा,'संविधान के स्वघोषित रक्षक - राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे - गणतंत्र दिवस कार्यक्रम से पूरी तरह अनुपस्थित थे.














