कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंडियन स्टेट से जुड़े बयान के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज किया. ये फैसला ओपन कोर्ट में सुनाया गया. जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया है. फिलहाल ऑर्डर अपलोड होने के बाद विस्तृत जानकारी सामने आए. बता दें आठ अप्रैल 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित किया था.
याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकार्ता सिमरन गुप्ता ने संभल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. सात नवंबर 2025 को संभल की चंदौसी कोर्ट की ओर से याचिकाकर्ता की राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी याचिका खारिज हुई थी.
क्या है पूरा मामला?
संभल की चंदौसी कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका को कमजोर होने के कारण खारिज कर दिया था. सिमरन गुप्ता ने अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंदौसी कोर्ट की तरफ से दिए गए फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी.
उन्होंने कहा था, "हमारी विचारधारा, आरएसएस की विचारधारा की तरह, हजारों साल पुरानी है और हम हजारों सालों से आरएसएस की विचारधारा से लड़ रहे हैं. यह मत सोचिए कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं. इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है. अगर आपको लगता है कि हम भाजपा या आरएसएस नामक किसी राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं , तो आपने स्थिति सही से समझा नहीं है. भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है. अब हम भाजपा, आरएसएस और खुद इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं।"
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