AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल, नितिन नवीन ने खिलाई मिठाई

राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों में से दो-तिहाई ने पार्टी छोड़ दी है और वे एक गुट के रूप में भाजपा में शामिल हो रहे हैं.

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  • आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की है
  • राघव चड्ढा ने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए राज्यसभा अध्यक्ष को विलय दस्तावेज सौंपे हैं
  • राघव चड्ढा ने पार्टी के सिद्धांतों से भटकने और व्यक्तिगत कारणों से आम आदमी पार्टी छोड़ने का निर्णय बताया
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नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर उनके तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हो गए हैं. पुरानी पार्टी छोड़ने की घोषणा करने के बाद ये तीनों नेता दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से उनकी मुलाकात हुई. उन्होंने तीनों सांसदों को मिठाई खिलाकर उनका बीजेपी में स्वागत किया.

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एक पोस्ट में कहा कि आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है. सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया था. मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे.

आप के सात राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ी

इससे पहले राघव चड्डा और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि वे और पार्टी के पांच अन्य राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो रहे हैं. चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के 10 में से सात सदस्यों का भाजपा में विलय हो रहा है.

चड्ढा ने कहा, ‘‘संविधान के अनुसार किसी पार्टी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई सांसदों का दूसरी पार्टी में विलय हो सकता है. हमने इस संबंध में राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन को एक पत्र सौंपा है, सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर रहे हैं.''

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राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले अन्य ‘आप' राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल हैं.

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उन्होंने कहा, ‘‘आप, जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है.''

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए चड्ढा ने कहा कि पार्टी अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने ही फायदे के लिए काम कर रही है. पिछले कुछ वर्षों में, मुझे यह महसूस होने लगा है कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं. आज, मैं आप से अलग होने और जनता के साथ अधिक निकटता से काम करने के अपने निर्णय की घोषणा करता हूं.

इस दौरान राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी, लेकिन ऐसा हो गया है. मैं दस साल तक इस पार्टी से जुड़ा रहा और आज मैं आम आदमी पार्टी से अलग हो रहा हूं.

बता दें कि हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह मित्तल को नियुक्त किया गया था.

वहीं पंद्रह अप्रैल को, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फेमा जांच के तहत पंजाब में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल से जुड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी.

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बीजेपी ने पंजाबियों के साथ किया धोखा- केजरीवाल

इधर आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद सियासी बयानबाजियां भी तेज हो गई हैं. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धोखा."

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक्स पोस्ट में लिखा, "भाजपा ने सांसदों को तोड़कर, पंजाब के साथ गद्दारी की है. सातों सांसदों को आप और पंजाब की जनता ने प्यार और आशीर्वाद भी दिया है. अब गद्दारी की सजा भी देगी."

आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा, "किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र से होती है. झुकने और समझौता करने का विकल्प महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और अरविंद केजरीवाल के पास भी था. जितने भी महापुरुष हुए हैं, उन सबने लड़ना मंजूर किया और इसी से उनके चरित्र की पहचान होती है. भाजपा में शामिल होकर इन लोगों ने अपना चरित्र दिखाया है. पंजाब की जनता इनकी गद्दारी और धोखे का जवाब देगी. पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार शानदार काम कर रही है. ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर हमारे सांसदों को तोड़ा गया है."

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