- किरेन रिजिजू ने लोकसभा में राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाए जाने पर सवाल उठाए और उन्हें गंभीर नहीं माना.
- रिजिजू ने कहा कि विपक्ष में कंफ्यूजन है और अविश्वास प्रस्तावों के बीच कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिख रही है.
- प्रियंका ने बताया कि 12 वर्षों में केवल नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के सामने सिर नहीं झुकाया है.
लोकसभा में किरेन रिजिजू ने अपने भाषण में पूछा कि राहुल गांधी को विपक्ष का नेता क्यों बनाया गया? वे गंभीर नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रियंका बेहतर विपक्ष की नेता होतीं. प्रियंका उस समय मुस्कुरा रही थीं, यहां तक कि अपनी सीट से खड़ी भी हो गईं, लेकिन किरेन रिजिजू के भाषण के बाद अध्यक्ष ने उन्हें बोलने का मौका दिया.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मैं इसलिए मुस्कुरा रही थी क्योंकि आज उन्होंने (रिजिजू ने) नेहरू के उस कथन का इस्तेमाल अपने पक्ष में किया, जिसकी वे सिर्फ आलोचना करते हैं, इसलिए मैं मुस्कुरा रही थी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष की नेता एकमात्र ऐसी व्यक्ति हैं जिन्होंने 12 वर्षों तक उनके (सरकार के) सामने सिर नहीं झुकाया.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि हम क्यों हंस रहे थे. मुझे हंसी इसलिए आई क्योंकि जिस नेहरू जी की ये लगातार आलोचना करते रहते हैं, आज उन्हीं के quote का उपयोग इन्होंने अपने पक्ष में कर लिया. अचानक इन्होंने स्वीकार कर लिया कि नेहरू जी ही इस सबसे बड़े लोकतंत्र को मजबूत करने वाले व्यक्ति हैं. इस देश में केवल एक ही व्यक्ति है, जो पिछले 12 वर्षों में इनके सामने झुका नहीं है, और वह नेता प्रतिपक्ष हैं, क्योंकि वे सच बोलते हैं.
किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि विपक्ष पूरी तरह कंफ्यूजन में है. उसके लोगों को यह नहीं पता है कि उन्हें क्या करना है. पहले ये लोग लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, जो अभी तक पेंडिंग है, लेकिन उसी बीच दूसरा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रहे हैं, जिसका कोई मतलब नहीं है."
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