प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन में क्या-क्या कहा?
- आज भले ही बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिले हों, लेकिन मैं जानता हूं कि देश की 100 प्रतिशत नारी‑शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है.
- महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे. यह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, बल्कि नारी के स्वाभिमान और उसके आत्मसम्मान पर चोट थी. और नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती.
- नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है. यह संशोधन उत्तर‑दक्षिण, पूरब‑पश्चिम, सभी राज्यों को समान रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास था.
- इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में, पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी.
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के पीछे एक बड़ी वजह है—इन परिवारवादी दलों का डर. इन्हें डर है कि यदि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इनके परिवारवादी नेतृत्व को खतरा पैदा हो जाएगा.
- सरकार ने पहले दिन से ही स्पष्ट कर दिया था कि न तो किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा और न ही किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी.
- महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह एक एंटी‑रिफॉर्म पार्टी है. लटकाना, भटकाना और अटकाना—यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है.
- यह विषय न नाकामी का था और न ही श्रेय लेने का. मैंने संसद में भी कहा था कि आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं विज्ञापन छपवाकर इसका श्रेय विपक्ष को दे दूंगा.
- मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को हम समाप्त करेंगे.
- संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो‑टूक कहना चाहता हूं कि ये लोग नारी‑शक्ति को ‘फॉर ग्रांटेड' ले रहे हैं.
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