IFR 2026: आज इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण करेंगी राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, INS विक्रांत होगा मुख्‍य आकर्षण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में भारत और मित्र देशों के 70 युद्धपोतों का निरीक्षण करेंगी. आईएनएस विक्रांत मुख्य आकर्षण रहेगा. इसके साथ मिलन 26 अभ्यास और IONS सम्मेलन भी आयोजित होगा.

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राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (File Photo)

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बुधवार सुबह इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 का आयोजन होगा. इस IFR का निरीक्षण भारत की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु करेंगी. इस दौरान भारत और मित्र देशों के लगभग 70 युद्धपोत, पनडुब्बियां और नौसैनिक विमान समुद्र में शक्ति प्रदर्शन करेंगे. आईएफआर दुनिया के सबसे बड़े सेरेमोनियल नौसैनिक आयोजनों में से एक है, जिसका उद्देश्य वैश्विक नौसैनिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और मित्रता को मजबूत करना है. भारत में यह आयोजन पहले 2001 और 2016 में सफलतापूर्वक हो चुका है.

भारत में यह आयोजन 2016 के बाद फिर हो रहा है. नौसेना के अनुसार, इसका उद्देश्य समुद्री शक्ति, आपसी सहयोग और मित्रता का प्रदर्शन करना है. साथ ही यह देश की संप्रभु निगरानी क्षमता को भी दर्शाता है. इससे पहले भारत ने 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापट्टनम में इसका सफल आयोजन किया था.

मित्र देशों की नौसेनाओं का शक्ति प्रदर्शन

इस रिव्यू में अमेरिका, रूस, ईरान, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और इटली समेत कई देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में एकत्र होकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. विभिन्न देशों के नौसेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जहाजों के साथ इसमें शामिल हुए हैं.

आईएनएस विक्रांत रहेगा मुख्य आकर्षण

इस बार का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत होगा, जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अहम भूमिका निभाई थी. विक्रांत के कैरियर बैटल ग्रुप, जिसमें नौसेना के डिस्ट्रॉयर और अन्य युद्धपोत शामिल थे, ने भारतीय नौसेना की आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया. इसी रणनीतिक दबाव के चलते पाकिस्तान नौसेना कराची बंदरगाह से बाहर नहीं निकल सकी.

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सिटी परेड

आईएफआर 2026 के तहत विशाखापट्टनम में अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड और सांस्कृतिक प्रदर्शनों का भी आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विश्व की समुद्री विरासत का उत्सव मनाना है.

‘मिलन 26' बहुपक्षीय अभ्यास का आयोजन

आईएफआर के बाद विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना का प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास मिलन का 13वां संस्करण ‘मिलन 26' आयोजित होगा. इसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं विशेष रूप से भाग लेंगी.

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मिलन अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, अनुभव साझा करना और समुद्री सहयोग बढ़ाना है. इस दौरान बड़े स्तर पर संयुक्त नौसैनिक अभियान संचालित किए जाएंगे, जिससे सभी देशों को साथ मिलकर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा.

इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम भी होगा आयोजित

इसके अलावा शहर में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (IONS) सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई देशों के नौसेना प्रमुख हिस्सा लेंगे.

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यह पहली बार है जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों- आईएफआर, मिलन और IONS- की मेजबानी कर रहा है.

पहले भी हो चुका है भव्य आयोजन

पहला आईएफआर वर्ष 2001 में आयोजित किया गया था, जबकि दूसरा 2016 में विशाखापट्टनम में हुआ था. 2016 का आयोजन भारतीय समुद्री क्षेत्र में युद्धपोतों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा माना गया था.

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