मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है, यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है: प्रेम कुमार धूमल

प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है कि वह तय करें कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाए या किसे बाहर रखा जाए. यह प्रधानमंत्री और संगठन की इच्छा पर निर्भर करता है कि किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए या किसे बाहर रखा जाए.

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हमीरपुर/शिमला:

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मंगलवार को कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है या किसे बाहर रखना है, यह तय करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. धूमल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए मंत्रियों को बधाई दी. उन्होंने कहा, 'यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है कि वह तय करें कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाए या किसे बाहर रखा जाए. यह प्रधानमंत्री और संगठन की इच्छा पर निर्भर करता है कि किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए या किसे बाहर रखा जाए.'

यह प्रतिक्रिया मोदी मंत्रिमंडल में पांच बार के सांसद एवं उनके बेटे अनुराग ठाकुर को शामिल न किए जाने पर आयी है. उन्होंने कहा, 'यह बहुत खुशी की बात है कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं और यह संगठन और देश के लिए बहुत सम्मान की बात है.'

यह पूछे जाने पर कि क्या अनुराग ठाकुर को संगठन में कोई जिम्मेदारी दी जाएगी, धूमल ने कहा कि यह भी प्रधानमंत्री और संगठन की इच्छा पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि अनुराग सांसद हैं और पार्टी के लिए काम करते रहेंगे.

इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल्य ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनने पर बधाई दी. उन्होंने विश्वास जताया कि नड्डा राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करेंगे और उनके कार्यकाल से राज्य के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को विशेष रूप से मजबूती मिलेगी.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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