- प्रेम बाईसा की मौत की जांच में पिता, कंपाउंडर और सेवादार तीन मुख्य संदिग्ध हैं, जिनकी भूमिका जांची जा रही है
- पुलिस को साध्वी के मोबाइल फोन के पासवर्ड नहीं मिलने से मौत की रात के घटनाक्रम के कई रहस्य अभी भी अनसुलझे हैं
- साध्वी को खाने में दी गई दाल और बाद में लगाई गई इंजेक्शन की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने के कारणों की जांच हो रही
राजस्थान के जोधपुर में हुई साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की उलझी गुत्थी को सुलझाने में पुलिस लगी हुई है. अब तक प्रेम बाईसा की मौत के मामले में तीन किरदार सामने आए हैं. वहीं, साध्वी की मौत के कुछ राजदार भी सामने आ रहे हैं. पुलिस के सामने अब भी सबसे बड़ा सवाल ये है कि प्रेम बाईसा की मौत वाली रात आखिर हुआ क्या था? प्रेम बाईसा के पिता से पूछताछ के बाद ये भी सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर साध्वी के मोबाइल फोन में ऐसे क्या राज छिपे हैं, जिसकी वजह से उसका पासवर्ड जांच एजेंसियों को नहीं दिया जा रहा है. प्रेम बाईसा को दिये गए खाने और इंजेक्शन को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है.
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साध्वी की मौत के 3 किरदार
प्रेम बाईसा की मौत के इस पूरे मामले में तीन ऐसे किरदार हैं, जिन्हें कुरेदकर इस राज का पर्दाफाश किया जा सकता है. ये 3 किरदार हैं- साध्वी के पिता, इंजेक्शन लगाने वाला कंपाउंडर और खाना देने वाला सेवादार. मौत से पहले दिया गया खाना सेवादार ने दिया था, क्या इसमें कुछ ऐसा था जिससे प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ी? साध्वी की तबीयत बिगड़ी, तो कंपाउंडर को बुलाया गया, जिन्होंने इंजेक्शन लगाया था. क्या इस इंजेक्शन ने प्रेम बाईसा की जान ली? इन दोनों वजहों के इर्द-गिर्द सारे राज दफन दिखाई दे रहे हैं और माना जा रहा है कि अगर ये राज खुल जाते हैं, तो पूरी मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी.
हो रहे चौंकाने वाले खुलासे
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस ने साध्वी के पास से दो आईफोन और एक सैमसंग मोबाइल जब्त किया है. पुलिस को यकीन है कि इन फोन के भीतर मौत से जुड़ी सबसे बड़ी कड़ी छिपी हो सकती है. साध्वी के पिता वीरमनाथ से लंबी पूछताछ हुई. जब साध्वी के पिता से फोन के पासवर्ड मांगे गए, तो उन्होंने बार-बार जानकारी होने से इनकार कर दिया. आखिर उन फोन में ऐसा क्या है, जिसे खोलने में इतनी मुश्किल आ रही है?
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साध्वी के सेवादार के बयान से आया नया मोड़
प्रेम बाईसा के सेवादार सुरेश के बयानों ने इस मौत के मामले को एक नया मोड़ दे दिया है. आमतौर पर सेवादार सुरेश ही साध्वी के कमरे में खाना लेकर जाता था. उस रात साध्वी को जुकाम था, इसलिए दाल बनी थी. लेकिन सुरेश की जगह उनके पिता वीरमनाथ खुद दाल लेकर कमरे में गए. दाल खाने के कुछ ही देर बाद साध्वी को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी. मामले की जांच कर रही SIT की मौजूदगी में एफएसएल टीम ने आश्रम के कमरे का दोबारा कोना-कोना छाना. रसोई से दाल बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री और बाकी खाने के सामानों के सैंपल लिए गए. आखिर, इस दाल में ऐसा क्या था, जिसे खाने के बाद प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ गई, पुलिस अब इस सवाल का जवाब खोजने में जुटी हुई है.
कौन-सा इंजेक्शन प्रेम बाईसा को दिया गया?
दूसरा शक इंजेक्शन को लेकर भी घूम रहा है. सामने आया कि इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही साध्वी की मौत हो गई. साध्वी के भाई ने इसकी जानकारी दी है. इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह ने NDTV से बात करते हुए बताया कि उसने डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही इंजेक्शन लगाए थे और पहले भी जब जरूरत होती थी, तब ही इंजेक्शन लगाने जाता था. आखिर, ये कौन-सा इंजेक्शन था. क्या इस इंजेक्शन की वजह से साध्वी की तबीयत बिगड़ी? ये सवाल भी जांच एजेंजियों के सामने है.
साध्वी के पिता पर शक क्यों
साध्वी के पिता पर क्यों शक किया जा रहा है? दरअसल, साध्वी के आखिरी पल में और तबीयत बिगड़ने से मौत तक पिता ही साथ थे. पिता के कहने पर ही कंपाउंडर आया था. शक इसलिए भी घूमा, क्योंकि पिता ने पहले पोस्टमॉर्टम करने से मना किया था. पिता के साथ तस्वीर को लेकर साध्वी तनाव में थी. पिता का आचरण पहले भी सवालों के घेरे में रहा है! साध्वी की मां की मौत के दौरान भी पूछताछ हुई थी. आश्रम का संचालन पिता की ही देखरेख में था.
कंपाउंडर से पूछताछ क्यों की जा रही है?
प्रेम बाईसा की मौत के मामले में पिता-सेवादार सबको कंपाउंडर पर शक है. पूछताछ में सभी ने कंपाउंडर पर दोष लगाया है. कंपाउंडर के ट्रीटमेंट के बाद साध्वी की मौत हुई. इंजेक्शन के बाद साध्वी का शरीर नीला पड़ गया था. साध्वी को इंजेक्शन लेने के लिए मनाया गया, लेकिन सर्दी-जुकाम में इंजेक्शन लगाने पर भी सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, साध्वी के परिवार से कंपाउंडर की पुरानी जान-पहचान है. लेकिन कंपाउंडर की नर्सिंग डिग्री पर सवाल उठ रहे हैं.
सेवादार से पूछताछ क्यों की जा रही है?
साध्वी के लिए खाना सेवादार ने ही बनाया था. पूरे घटनाक्रम का प्रत्यक्ष गवाह सेवादार था. आश्रम से जुड़ी कई व्यवस्थाएं सेवादार देखता था. साध्वी के लिए आखिरी काढ़ा भी सेवादार ने बनाया था. साध्वी की तबीयत बिगड़ने पर पानी पिलाया था.
पुलिस फिलहाल दो मुख्य संभावनाओं पर काम कर रही है. क्या मौत किसी दवा या गलत इंजेक्शन के रिएक्शन से हुई या फिर क्या उस रात खाने में दी गई दाल में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था? मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम कर लिया है, लेकिन मौत की असली वजह विसरा एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.













