- मुंबई क्राइम ब्रांच ने रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपियों से सुराग हासिल किए हैं.
- आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ग्लैमरस सोशल मीडिया हैंडल्स देखकर वे इस गिरोह से जुड़ने के लिए प्रेरित थे.
- फायरिंग की वारदात के लिए मुख्य आरोपियों को 3 लाख रुपये का लालच दिया गया था.
रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अपराधियों के 'अट्रैक्टिव' सोशल मीडिया हैंडल्स को देखकर इस गिरोह की तरफ आकर्षित हुए थे. अपराधी अक्सर अपनी आपराधिक गतिविधियों और लाइफस्टाइल को सोशल मीडिया पर ग्लोरिफाई (महिमामंडन) करके पेश करते हैं, जिसे देखकर युवा उनके साथ जुड़ने के लिए प्रभावित हो जाते हैं. इसी के चलते मुंबई पुलिस अब उन सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी नजर रख रही है जो अपराध को ग्लैमरस बनाकर पेश करते हैं.
जांच के दौरान पैसों के लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है. क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, चारों मुख्य आरोपियों को इस वारदात को अंजाम देने के लिए 3 लाख रुपये का लालच दिया गया था, जिसमें से शूटर दीपक चंद्रा को खर्चे के तौर पर 50 हजार रुपये एडवांस (अग्रिम) दिए गए थे. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया पर बिश्नोई गैंग की सक्रियता देखकर इलाके में अपना दबदबा बनाने और कम समय में अधिक पैसे कमाने के इरादे से इस खतरनाक रास्ते पर चल पड़े थे.
जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर वह हथियार बरामद कर लिया है, जिससे वारदात के वक्त 5 गोलियां चलाई गई थीं. खबरों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की एक टीम मुख्य आरोपी को लेकर हरियाणा गई थी, जहां उसने इस बंदूक को छिपा कर रखा था.
फिलहाल, बरामद हथियार को कलीना फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेज दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि वहां इसका बैलिस्टिक टेस्ट किया जाएगा ताकि वैज्ञानिक रूप से यह पुष्ट किया जा सके कि इसी हथियार का इस्तेमाल फायरिंग में हुआ था. पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि ठोस सबूतों के साथ केस को मजबूती से पेश किया जा सके.
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