पश्चिम बंगाल में जगद्धात्री पूजा के विसर्जन पर हिंसा, हालात फिलहाल काबू में 

आयोजक और स्थानीय लोग मूर्ति विसर्जन के लिए जलांगी नदी के किनारे गए और पर पुलिस के साथ उनकी हाथापाई हो गई. पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया.

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  • शनिवार शाम को कृष्णानगर में जगद्धात्री विसर्जन के दौरान पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर लाठीचार्ज किया.
  • जलांगी नदी के किनारे मूर्ति विसर्जन के दौरान आयोजकों और स्थानीय लोगों की पुलिस के साथ हाथापाई हुई.
  • विवाद के बाद भी पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में जगद्धात्री की शोभायात्रा धूमधाम और शांति से संपन्न हुई.
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कोलकाता:

पश्चिम बंगाल में लाठीचार्ज की खबरें हैं. बताया जा रहा है कि शनिवार शाम को जगद्धात्री विसर्जन के दौरान कृष्णानगर में बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आयोजक और स्थानीय लोग मूर्ति विसर्जन के लिए जलांगी नदी के किनारे गए और पर पुलिस के साथ उनकी हाथापाई हो गई. पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया. बताया जा रहा है कि घटना में कई लोगों को मामूली चोटें आईं. कुछ देर बाद स्थिति काबू में आ गई. 

शांति से संपन्न हुई शोभायात्रा 

इस बवाल के बाद भी जगद्धात्री की शोभायात्रा राज्‍य के अलग-अलग हिस्‍सों में धूमधाम से पूरी हुई. कोलकाता में रोशनी से बने अलग-अलग कार्टून कैरेक्टर्स ने सबका ध्यान खींचा. शिव-पार्वती की माला बदली गई. शनिवार को तय समय पर शोभायात्रा शुरू हुई. चंदननगर और भद्रेश्वर से 70 बारवारियों ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया.

राज्‍य के मंत्री इंद्रनील सेन जुलूस को लीड करते दिखे. पुलिस कमिश्नर अमित पी. ​​जवालगी, DC हेडक्वार्टर इशानी पाल, DC चंदननगर अलकनंदा भवाल, मेयर राम चक्रवर्ती, डिप्टी मेयर मुन्ना अग्रवाल, राज्य और जिला सूचना और संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी मौजूद थे. 

कब से हुई थी शुरुआत 

माना जाता है कि पश्चिम बंगाल में देवी जगद्धात्री की पूजा की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हुई थी. कहते हैं कि उस समय राजा कृष्णचंद्र राय का शासन था और ने दुर्गा पूजा के दौरान उन्‍होंने माता की पूजा नहीं की थी. इसका पश्चाताप करने के लिए ही उन्‍होंने कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को जगद्धात्री की पूजा शुरू की थी. 

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