शांति, भारतीयों की सुरक्षा और एनर्जी सप्लाई... जंग के बीच ईरानी राष्ट्रपति से PM मोदी ने क्या की बात?

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की. मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से यह पहली बातचीत है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव और नुकसान पर गहरी चिंता जताई
  • पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही शांति और स्थिरता बहाल करने की अपील की है
  • भारत की प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और तेल-गैस आपूर्ति के बिना रुकावट सुनिश्चित करना है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने बढ़ते तनाव और नागरिक बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताते हुए शांति बहाली के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने की पुरजोर अपील की. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है और भारत शांति व स्थिरता की बहाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

'बातचीत और कूटनीति से निकाला जाए समाधान'

PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से बात की और इलाके के गंभीर हालातों पर चर्चा की. बढ़ते तनाव, आम लोगों की जान जाने और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को पहुंच रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताई. भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सामान व एनर्जी (तेल-गैस) के बिना किसी रुकावट आने-जाने की जरूरत भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. शांति और स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और अपील की कि समस्याओं का हल बातचीत और कूटनीति से निकाला जाए.'

विदेश मंत्री पहले ही कर चुके हैं बात

बता दें कि मिडिल ईस्ट तनाव के बाद पीएम मोदी ने पहली बार ईरानी राष्ट्रपति से बात की है. हालांकि विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से पिछले कुछ दिनों में तीन बार फोन बातचीत की. दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा की. विदेश मंत्री ने हाल ही में संसद में भी स्पष्ट किया था कि भारत इस संकट को टालने के लिए सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में है. 

Advertisement

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में भारत और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के बारे में जानकारी दी थी. जायसवाल ने बताया कि ईरान में अभी भी लगभग 9,000 भारतीय मौजूद हैं. दूतावास ने कई लोगों को तेहरान से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है. जो लोग लौटना चाहते हैं, उन्हें अज़रबैजान और आर्मेनिया के रास्ते निकालने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने बताया था कि पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के संपर्क में हैं और भारत का मत स्पष्ट है, 'नागरिकों की जान नहीं जानी चाहिए और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है.'

यह भी पढ़ें: LPG पर पैनिक फैलाकर देश को नुकसान पहुंचा रहे कुछ लोग, PM मोदी ने कालाबाजारी करने वालों को दी सख्त चेतावनी

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran-Israel War | इजरायली हमलों से Lebanon में तबाही का मंजर! | Trump-Netanyahu | NDTV India | Top