- लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष की शोरगुल के बीच अपना संबोधन दिया
- पीएम मोदी ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की चुटकी लेते हुए कहा कि उनके यहां बोलने का मौका नहीं मिलता है
- पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने के लिए यह बिल समर्थन योग्य और जरूरी है
लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन हो और विपक्ष पीएम को अपनी चुटकी लेने का मौका ना दे, ऐसा कहां होता है. गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ. मौका था महिला संसोधन बिल पर चर्चा का. पीएम मोदी सदन में महिला आरक्षण के समर्थन में अपना संबोधन दे रहे थे.अभी पीएम के संबोधन को शुरू हुए कुछ ही मिनट बीते होंगे कि विपक्ष ने एकाएक शोर मचाना शुरू कर दिया है. पीएम मोदी ने पहले उन्हें कुछ देर तक बोलने दिया.
'ये जहां हैं वहां इनके मुंह पर ताला लगा हुआ है'
शायद पीएम मोदी को उम्मीद थी कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष के सांसद अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उन्हें बगैर किसी रोकटोक के बोलने देंगे. लेकिन विपक्ष में बैठे टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी जब नहीं रुके तो पीएम मोदी ने एनडीए के सांसदों की तरफ देखते हुए कल्याण बनर्जी की चुटकी ली. उन्होंने कहा कि चलिए इनको बोल लेने दीजिए क्योंकि ये जहां हैं वहां उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता है. वहां इनके मुंह पर ताला लगा हुआ है.
'इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए'
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों को इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद को परिणामों को बीते तीस साल में देख लें. उनको लेगेगा कि उनको भी लगेगा कि इस बिल के साथ जाने में ही उनका फायदा है. मुझे लगता है इसे राजनीतिक रूप देने की जरूरत नहीं है.जब मैं संगठन के कार्यकर्ता के रूप में काम करता था उस समय एक चर्चा सुनने को मिलती थी कि देखिए ये कैसे लोग हैं, पंचायतों में आरक्षण देना है तो बड़े आराम से दे देते हैं क्योंकि उसमें उनको खुदका पद जाने का डर नहीं लगता है. ये उस समय गलियारों में बहुत चर्चा थी. इसलिए पंचायत में 50 फीसदी तक आरक्षण पहुंच गया.
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