- प्रधानमंत्री मोदी ने एआई समिट में आए ग्लोबल एआई कंपनियों के प्रमुखों से राउंडटेबल बैठक की
- इस दौरान कृषि, पर्यावरण और उच्च शिक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में एआई के प्रभावी इस्तेमाल पर चर्चा हुई
- OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ता एआई बाजार बताया
राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होने आए ग्लोबल एआई कंपनियों और स्टार्टअप्स के 16 सीईओ व संस्थापकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राउंडटेबल मुलाकात की. इस दौरान पीएम ने कृषि, पर्यावरण और उच्च शिक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में एआई की ताकत के प्रभावी इस्तेमाल को लेकर चर्चा की.
AI को लेकर भारत में अद्भुत उत्साह
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पीएम मोदी के साथ अलग बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर की और भारत को सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बताया. ऑल्टमैन ने पोस्ट में लिखा, "भारत में एआई को लेकर अविश्वसनीय उत्साह दिख रहा है. इसी पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक शानदार रही. भारत वैश्विक स्तर पर कोडेक्स (प्रोग्रामिंग कोड लिखने की एआई तकनीक) के लिए हमारा सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है. पिछले 2 हफ्तों में ही वीकली यूजर्स की संख्या में 4 गुना का उछाल आया है."
देसी एआई बनाने के प्रयासों की तारीफ
सैम ऑल्टमैन ने एक दिन पहले गुरुवार को एआई समिट में संबोधन दिया था और इस दौरान उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि भारत तेजी से एआई तकनीक को अपना रहा है और संप्रभु (Sovereign) एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. ये उसे ग्लोबल टेक्नोलोजी परिदृश्य में सबसे अलग करता है.
AI अपनाने में भारत सबसे आगे
उन्होंने भारत की एआई लीडरशिप की तारीफ करते हुए कहा कि एक साल पहले जब वह यहां आए थे, तब के मुकाबले भारत ने तकनीक में हैरान करने वाली तरक्की की है. भारत जिस तरह से देश में लोगों के कामकाज में एआई को मिशन के तौर पर बढ़ावा दे रहा है, वो अद्भुत है. सॉवरेन एआई, इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग, एसएलएम वगैरा बनाने में भारत की लीडर के रूप में काम कर रहा है.
चैटजीपीटी यूजर्स का दिलचस्प आंकड़ा
समिट को संबोधित करते हुए ऑल्टमैन ने एक दिलचस्प तथ्य बताया कि भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हैं. इनमें से एक तिहाई से ज्यादा छात्र हैं. उन्होंने कहा कि एआई सिस्टम अब हाई स्कूल लेवल की मैथ्स से आगे बढ़कर रिसर्च लेवल और थ्योरेटिकल फिजिक्स की जटिलता को सुलझाने में भी सक्षम हो चुका है.














