दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी जाएंगे डाट काली मंदिर, जानिए इसका महत्व

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द ही होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन से पहले डाट काली मंदिर भी जाएंगे, जानिए क्यों खास है ये मंदिर.

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पीएम मोदी करेंगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
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  • पीएम मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन यूपी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे
  • सहारनपुर के डाट काली माता मंदिर में पीएम मोदी दर्शन करेंगे, जो प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है
  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा समय छह घंटे से घटकर ढाई घंटे हो जाएगा, जिससे सफर आरामदायक होगा
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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का पीएम मोदी 14 अप्रैल के दिन उद्घाटन करेंगे. इस खास मौके पर उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी साथ रहेंगे. एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जाएंगे और डाट काली मंदिर में दर्शन करेंगे. इसके बाद देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में एक्सप्रेसवे को देश को समर्पित करेंगे.

डाट काली मंदिर सहारनपुर का महत्व 

यूपी के सहारनपुर का डाट काली माता मंदिर एक सिद्ध पीठ हैं और यहां काली माता की प्राचीन मूर्ति है. ये इस इलाके का सबसे प्राचीन मंदिर भी माना जाता है जहां आध्यात्मिक और तांत्रिक पूजा की जाती है. नवरात्रि के मौके पर यहां बहुत भीड़ होती है.

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दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही दिल्ली से देहरादून का सफर पूरी तरह बदल जाएगा. अभी जहां इस दूरी को तय करने में करीब 6 घंटे लगते हैं, वहीं अब यह सफर घटकर सिर्फ ढाई घंटे रह जाएगा. करीब 213 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड कॉरिडोर लगभग 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह 6-लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे है, जिससे यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी.

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चार चरणों में बना प्रोजेक्ट 

पहले चरण में अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक 31.6 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है. दूसरे चरण में ईपीई से सहारनपुर बाईपास तक 119.8 किलोमीटर का सबसे लंबा सेक्शन है. तीसरे और चौथे चरण में सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर और फिर देहरादून तक का निर्माण किया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए इस कॉरिडोर पर 7 इंटरचेंज, 2 रेलवे ओवरब्रिज, 10 बड़े पुल और 14 वे-साइड सुविधाएं बनाई गई हैं.

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पर्यावरण का भी खास ध्यान रखा गया है. डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है, वहीं 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर तैयार किया गया है, जो एशिया में सबसे बड़ा माना जा रहा है. इसके अलावा हाथियों के लिए अंडरपास और कई एनिमल पास भी बनाए गए हैं.
 

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