PM मोदी ने की CCS बैठक की अध्यक्षता, 3 घंटे तक चली बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति पर हुई चर्चा

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे. इसमें अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी. 

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  • PM नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जो तीन घंटे तक चली.
  • बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों पर व्यापक चर्चा हुई.
  • पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के कारण हवाई क्षेत्र लगभग बंद है, जिससे सैंकड़ों भारतीय फंसे हुए हैं.
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नई दिल्‍ली:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार रात को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (Cabinet Committee on Security) की बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक करीब 3 घंटे तक चली. माना जा रहा है कि इसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई. यह बैठक अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मौजूदा वैश्विक स्थिति और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी. सीसीएस देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है. 

एक सूत्र ने बैठक का विवरण दिए बिना कहा कि प्रधानमंत्री ने सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की. पीएम मोदी राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे. इसके तुरंत बाद सीसीएस की बैठक आयोजित की गई. 

पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा 

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे. बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी. 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी बैठक में उपस्थित थे. 

सूत्रों के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई. 

पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र लगभग बंद

फिलहाल, पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है. पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण हवाई सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे सैकड़ों भारतीय दुबई और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं. इनमें से कई लोग सोशल मीडिया पर भारतीय सरकार से सहायता की अपील कर रहे हैं. 

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सूत्रों के अनुसार, बैठक में ईरानी अधिकारियों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से उत्पन्न स्थिति का भी जायजा लिया गया, जो भारतीय तेल वाहक जहाजों के लिए एक प्रमुख मार्ग है. 

ईरान में करीब 10,000 भारतीय नागरिक जबकि इजरायल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं. खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 90 लाख है. 

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भारत ने अतीत में संघर्षों के बीच पश्चिम एशिया समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हजारों भारतीयों को सफलतापूर्वक निकाला है. 

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास अपने नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हेल्पलाइन सक्रिय कर दी गई हैं. 

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इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत

इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए बड़े हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई मारे गए हैं. ईरान के सरकारी टेलीविजन और सरकारी समाचार एजेंसी ‘इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी' (आईआरएनए) ने 86 वर्षीय खामेनेई के मारे जाने की रविवार तड़के घोषणा की. 

ये घोषणाएं अमेरिका और इजराइल की शनिवार से शुरू हुई संयुक्त हवाई बमबारी के बाद की गईं, जिसमें ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. 

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का सबसे बड़ा मौका मिला है. 

ट्रंप ने कहा कि भारी और सटीक बमबारी सप्ताह भर या जितने समय तक जरूरी होगी, जारी रहेगी. 
 

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