- उत्तराखंड के ओल्ड मनाली में भारी बारिश और नदी के उफान से कई दुकानें और मकान जमींदोज हो गए हैं.
- मनालसू नदी के तेज बहाव ने कुछ ही घंटों में दो किलोमीटर तक सड़क और आसपास की दुकानें बह गई.
- न्यू मनाली को ओल्ड मनाली से जोड़ने वाला अहम लोहे का पुल जमीन पर आ गया है और एक सड़क पूरी तरह से बह गई.
उत्तराखंड में मॉनसून का कहर देखने को मिल रहा है. भारी बारिश और नदी-नालों के उफान पर होने के कारण दर्जनों दुकान-मकान जमींदोज हो गए हैं. ऐसी तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं. ओल्ड मनाली से भी तबाही की ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं, जिसने रोंगटे खड़े कर दिए हैं. एनडीटीवी के साथ कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे पानी का तेज बहाव आया और पलक झपकते ही तबाही को अंजाम देकर चला गया.
न्यू मनाली को ओल्ड मनाली से जोड़ने वाला अहम लोहे का पुल जमीन पर आ गया है. एक सड़क पूरी तरह से बह गई. ओल्ड मनाली में टूर ट्रैवेल का काम करने वाले कमल ने बताया कि 25 अगस्त की सुबह ग्यारह बजे तक मनालसू नदी का बहाव तेज था, लेकिन एक घंटे बाद अचानक पानी आया और पूरे ओल्ड मनाली में करीब दो किमी तक सड़क और उससे सटी दुकानें बह गई.
पलक झपकते ही सबकुछ हो गया तबाह
कमल ने बताया कि उनके पास दर्जन भर से ज्यादा बाइक खड़ी थी, लेकिन पानी इतनी तेजी से आया कि कोई रुमाल तक नहीं निकाल पाया और सब कुछ बह गया. राहत के नाम पर कुछ लोग आए थे. नाम पता नोट किया है, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला है.
ओल्ड मनाली की पंचायत हाउस की दो मंजिला बिल्डिंग भी जमींदोज हो चुकी है. साथ ही ओल्ड मनाली में 50 से ज्यादा रेस्टोरेंट सुनसान पड़े हैं और वहां काम करने वाले निकल चुके हैं.
कुल्लू की डीसी ने बताया कि कुल्लू में कई जगह पर पानी की पाइप लाइन टूटने से पानी की किल्लत हो रही है.
क्लब हाउस वीरान, इलाके में पसरी खामोशी
ओल्ड मनाली में हिमाचल सरकार का सबसे पुराना क्लब हाउस वीरान पड़ा है. पार्किंग बह चुकी है और क्लब हाउस तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है. उसके बगल के कई होटल डेंजर जोन में आ चुके हैं सारे इलाके में खामोशी पसरी है.
ओल्ड मनाली वो कस्बा है, जहां पर्यटकों की भीड़ रहती थी और विदेशी पर्यटक ओल्ड मनाली को बहुत पसंद करते थे. अब सबसे बड़ी चुनौती ओल्ड मनाली को न्यू मनाली से जोड़ने की है. हालांकि अभी पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खोला गया है, लेकिन कई रोड बह जाने से एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.