पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, अग्रिम जमानत की मांग भी की

पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका उस समय दाखिल की है जब गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बीते शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के बारे में बयानबाजी करने के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. 

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा
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  • गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ बयानबाजी मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार किया था
  • पवन खेड़ा पर कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज है जिसमें धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप शामिल हैं
  • सुप्रीम कोर्ट ने पहले पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए थे
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. उन्होंने अपनी इस अपील में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत देने की बात भी कही है. पवन खेड़ा ने अपनी याचिका में गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती भी दी है. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि उनकी याचिका पर सोमवार को जल्दी सुनवाई हो. खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका उस समय दाखिल की है जब गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बीते शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के बारे में बयानबाजी करने के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. 

पहले भी अग्रिम जमानत के लिए कांग्रेस नेता दायर की थी अर्जी

पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में पहले भी अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) की मांग की थी. खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां रखने का आरोप लगाया था.

पवन खेड़ा पर इन धाराओं में केस

यह FIR गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35, 36, 318 (धोखाधड़ी), 338 (कीमती वसीयत, प्रतिभूति आदि की जालसाज़ी), 337 (कोर्ट के रिकॉर्ड या सार्वजनिक रजिस्टर आदि की जालसाज़ी), 340 (जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के तौर पर इस्तेमाल करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), और 356 (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है.

गुवाहाटी हाई कोर्ट पहुंचे थे पवन खेड़ा 

पवन खेड़ा से जुड़े सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया था कि पवन खेड़ा ने 18 अप्रैल को गुवाहाटी हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर दी थी.इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा द्वारा दर्ज कराए गए मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली थी. खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले उनकी ट्रांजिट बेल बढ़ाने से इनकार कर दिया.

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आप गुवाहाटी हाई कोर्ट जाइए...

ये मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट में आया था. उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी चाहिए. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि गुवाहाटी हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई करते समय सुप्रीम कोर्ट की किसी भी टिप्पणी से प्रभावित न हो.मामला असम पुलिस में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा पर मुख्यमंत्री की पत्नी पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशी संपत्ति छिपाने का आरोप लगाने का मामला है.इस एफआईआर में धोखाधड़ी, बदनामी और आपराधिक साजिश के आरोप लगे हैं.

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