मल्टी लेयर सुरक्षा इंतजाम, ड्रोन, 3300 जवान... संसद की सुरक्षा को लेकर CISF ने बनाया फुलप्रूफ प्लान

संसद की सुरक्षा के लिए 3300 से ज़्यादा जवानों को एडवांस्ड स्क्रीनिंग सिस्टम और ड्रोन, साइबर, सीबीआरएन और एनएसजी/आर्मी मॉड्यूल में विशेष प्रशिक्षण के साथ तैनात किया गया है, जिससे एक मज़बूत मल्टी लेयर सेटअप तैयार होता है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • CISF ने संसद भवन परिसर की सुरक्षा को लेकर 3300 जवानों के साथ एडवांस्ड स्क्रीनिंग और ड्रोन तैनात किए हैं
  • संसद सुरक्षा में आतंकवाद-रोधी तैयारी और साइबर सुरक्षा जैसे मल्टी लेयर सेटअप को शामिल किया गया है
  • विपक्ष शीतकालीन सत्र में एसआईआर पर चर्चा की मांग पर अडिग है जबकि सरकार गतिरोध टालने के लिए बातचीत कर रही है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. ये सेशन 19 दिसंबर तक चलेगा. इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने जमकर तैयारी की है. वहीं सीआईएसएफ ने भी संसद भवन की सुरक्षा को लेकर खास तैयारी की है. सत्र शुरू होने से पहले पूरे संसद भवन परिसर को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. ए़डवांस स्क्रीनिंग सिस्टम, स्पेशलाइज्ड ड्रोन की तैनाती के साथ ही यहां 3300 जवानों की तैनाती की गई है.

सीआईएसएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि सीआईएसएफ ने विस्तृत समीक्षा के बाद संसद भवन परिसर (पीएचसी) की सुरक्षा को और मजबूत किया है. इसके तहत एक्सेस कंट्रोल, आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी तैयारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल हैं. संसद के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार किया गया है.

कहा गया है कि 3300 से ज़्यादा जवानों को एडवांस्ड स्क्रीनिंग सिस्टम और ड्रोन, साइबर, सीबीआरएन और एनएसजी/आर्मी मॉड्यूल में विशेष प्रशिक्षण के साथ तैनात किया गया है, जिससे एक मज़बूत मल्टी लेयर सेटअप तैयार होता है. सुरक्षा को लेकर नए मानदंड, सख्त प्रोटोकॉल और नियमित मल्टी एजेंसी अभ्यास सुरक्षा स्तर को और मजबूत करते हैं. सीआईएसएफ हर समय एक सुरक्षित वातावरण तैयार करके भारतीय लोकतंत्र के केंद्र की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ है.

संसद के शीतकालीन सत्र में गतिरोध के आसार

संसद के शीतकालीन सत्र में एक बार फिर से गतिरोध के आसार हैं. विपक्ष एसआईआर पर चर्चा की मांग पर अडिग है. हालांकि, सरकार ने कहा है कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी.

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एसआईआर के साथ ही दिल्ली विस्फोट की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. इसके साथ ही, उन्होंने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषयों पर सत्र के दौरान चर्चा कराने का आग्रह किया.

बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत से उत्साहित केंद्र सरकार इस सत्र में 14 विधायक पेश कर सकती है. इस सर्वदलीय बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेता शामिल हुए. सर्वदलीय बैठक के बाद रविवार शाम लोकसभा और राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठकें हुईं, जिनमें विपक्ष ने चुनाव सुधारों के व्यापक मुद्दे पर चर्चा की मांग रखी. सरकार ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही इस पर अपनी राय बताएगी.

सरकार ने वंदे मातरम की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा पर जोर दिया, लेकिन कई विपक्षी दलों ने इसको लेकर उत्साह नहीं दिखाया. लोकसभा ने चर्चा के लिए 10 घंटे आवंटित किए हैं और तारीख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा तय की जाएगी. लोकसभा ने मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया है और इसके लिए तीन घंटे आवंटित किए हैं.

Advertisement

केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 पेश किए जाने वाले हैं. राज्यसभा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बेनतीजा रही और सोमवार शाम को फिर से बैठक होगी.

विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि सोमवार दोपहर दो बजे एसआईआर पर चर्चा शुरू हो और संसद सुचारू रूप से चले, लेकिन सरकार तैयार नहीं हुई विपक्षी दलों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यवधान के लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

Advertisement

Featured Video Of The Day
Adani Ahmedabad Marathon: सेना के सम्मान में मैदान में उतरे 24 हजार से अधिक धावक, दिया बड़ा संदेश