लोकसभा अध्यक्ष से नाराजगी, ट्रेड डील का विरोध... बजट पर चर्चा से पहले कैसे दूर होगा संसद का गतिरोध?

संसद का बजट सत्र अभी तक हंगामेदार ही बीता है. अब सोमवार को से बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी हफ्ता शुरू होने जा रहा है. इस हफ्ते में सदन में चर्चा होगी या हंगामा ही मचता रहेगा, यह देखने वाली बात होगी.

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राहुल गांधी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला.
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  • संसद के बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी हफ्ते की रणनीति तय करने के लिए विपक्षी दलों की बैठक सोमवार को होगी.
  • कांग्रेस स्पीकर की टिप्पणी और सांसदों के निलंबन को लेकर अविश्वास प्रस्ताव का विचार कर रही है.
  • विपक्ष भारत-अमेरिका के ट्रेड डील के संयुक्त बयान को लेकर मोदी सरकार पर सरेंडर करने का आरोप लगाएगा.
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नई दिल्ली:

संसद के बजट सत्र के पहले चरण के आख़िरी हफ़्ते की रणनीति बनाने को लेकर सोमवार सुबह दस बजे विपक्षी दलों की बैठक होगी. सूत्रों की मानें तो विपक्ष की कई पार्टियां लोकसभा में जारी गतिरोध ख़त्म करने के पक्ष में हैं ताकि उनके नेता बजट पर चर्चा में भाग ले सकें. हालांकि कांग्रेस के खेमे में लोकसभा अध्यक्ष को लेकर जबरदस्त नाराज़गी है. ट्रेड डील को लेकर आए भारत–अमेरिका के संयुक्त बयान को लेकर भी संसद में हंगामा हो सकता है. इससे पहले लोकसभा में ऐसी स्थिति बनी, जो विरले ही होती है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने PM मोदी सदन में नहीं पहुंचे और आख़िरकार शोर–शराबे के बीच लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया. अब बजट सत्र आगे कैसा रहेगा, यह देखने वाली बात होगी. 

लोकसभा अध्यक्ष से कांग्रेस की नाराजगी 

कांग्रेस की नाराज़गी की चार बड़ी वजहें हैं. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी को नियमों का हवाला देकर अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया. राहुल गांधी पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल एम एम नरवणे की अप्रकाशित संस्मरण के एक हिस्से को सदन में बोलना चाहते थे. दूसरी तरफ बीजेपी सांसद निशिकांत ने सदन में नेहरू, इंदिरा गांधी जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों के ख़िलाफ़ किताबों के हवाले से आपत्तिजनक बातें कहीं. 

तीसरी वजह है कि हंगामे के कारण कांग्रेस के साथ सांसद समेत कुल 8 सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिए गए. इसके अलावा कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष की उन टिप्पणियों से बेहद नाराज है जिसमें उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई सदस्य पीएम के आसन के पास पहुंच कर कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते थे. इसलिए उन्होंने पीएम से सदन में ना आने का आग्रह किया. 

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव? 

इन टिप्पणियों को आपत्तिजनक मानते हुए कांग्रेस सांसदों का एक खेमा विपक्ष की बैठक में लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावना तलाशे जाने की बात कह रहा है. कांग्रेस, सांसदों का निलंबन खत्म करने की मांग भी कर रही है. हालांकि लोकसभा में गतिरोध ख़त्म करने या ना करने का फ़ैसला कांग्रेस सहयोगी दलों के मूड को ध्यान में रखकर ही करेगी. आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर TMC, DMK, CPM जैसे दल बजट पर चर्चा में भाग लेना चाहते हैं. ऐसे में कांग्रेस अलग–थलग नहीं पड़ना चाहेगी.

ट्रेड डील पर हंगामा 

इसके अलावा भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आए संयुक्त बयान को लेकर विपक्ष मोदी सरकार को घेरेगा. पहले से ही डील के ऐलान को लेकर विपक्ष के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं. अब संयुक्त बयान के बाद विपक्ष का आरोप है मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है. जाहिर है इसको लेकर सदन के अंदर और बाहर विपक्ष हंगामा कर सकता है. 

कुल मिलाकर बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी हफ़्ता भी हंगामेदार रहने की संभावना है. हालांकि उम्मीद यही जताई जा रही कि है कि हंगामे के बावजूद लोकसभा और राज्यसभा में बजट पर चर्चा होगी. 13 फरवरी को बजट सत्र का पहला चरण पूरा होगा. इसके बाद दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा. 

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बीते हफ़्ते राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा सुचारू रूप से पूरी हुई. हालांकि PM मोदी के जवाब के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट किया. लेकिन लोकसभा  में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा रिटायर्ड जनरल नरवणे की किताब के जिक्र से ऐसा हंगामा शुरू हुआ कि उसके बाद चर्चा ठीक से आगे बढ़ ही नहीं पाई. पीएम मोदी भी जवाब देने सदन में नहीं पहुंचे और आख़िरकार शोर–शराबे के बीच लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया. 

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