भारतीय महिलाओं पर 'तीन बच्चों' का सिद्धांत थोंपना नहीं चाहिए : भागवत के बयान पर ओवैसी

एआईएमआईएम प्रमुख ने भागवत के एक परिवार में 3 बच्चों बयान पर कहा कि हमारी जिंदगी में दखल देने का अधिकार किसने दिया?

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संघ प्रमुख मोहन भागवत की 3 बच्चों वाली बात पर असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है. एनडीटीवी से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि, 'मुझे लगता है कि मोहन भागवत ने ये सुझाव इसलिए दिया हो क्योंकि हमारी युवा जनसंख्या का फायदा नहीं मिल सका है. 

'भारत की 65% जनसंख्या 35 साल से नीचे'

ओवैसी ने आगे कहा कि, भारत की 65% जनसंख्या 35 साल से नीचे है. उनके लिए उन्होंने एजुकेशन, नौकरी और ट्रेनिंग के मोर्चे पर कोई काम नहीं किया है. ऐसे में वो एक 3 बच्चों के नए प्लान के साथ आए हैं. क्योंकि इनके पास एजुकेशन, नौकरी पर करने के लिए कुछ नहीं है. 

'महिलाओं पर बोझ क्यों डाल रहे हो'

एआईएमआईएम प्रमुख ने भागवत के एक परिवार में 3 बच्चों बयान पर कहा कि हमारी जिंदगी में दखल देने का अधिकार किसने दिया? महिलाओं पर बोझ क्यों डाल रहे हो? उन्हें खुद से अपने परिवार वालों के साथ फैसला लेने दीजिए. 

संघ कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कही थी ये बात

बता दें कि आरएसएस प्रमुख भागवत ने बीते दिन कहा था कि जनसंख्या को पर्याप्त और नियंत्रण में रखने के लिए प्रत्येक भारतीय परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए. संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि आरएसएस किसी पर भी हमला करने में विश्वास नहीं रखता, चाहे वह धार्मिक आधार पर ही क्यों न हो.

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