मोरबी पुल हादसा : ओरेवा समूह के एमडी जयसुख पटेल की नियमित जमानत की याचिका खारिज

पीड़ितों के वकील एन.आर. जडेजा ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने कहा है कि ओरेवा समूह ने पुल के नवीनीकरण का काम एक ऐसी कंपनी को दिया था, जिसे आवश्यक तकनीकी ज्ञान नहीं था.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
(फाइल फोटो)
मोरबी:

गुजरात के मोरबी शहर की एक अदालत ने पिछले साल एक पुल गिरने से संबंधित मामले में शनिवार को ओरेवा समूह के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल की नियमित जमानत की अर्जी खारिज कर दी. ओरेवा ग्रुप ब्रिटिश काल के ब्रिज के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार था, जो पिछले साल 30 अक्टूबर को टूटकर गिर गया था. इस दुर्घटना में 135 लोगों की मौत हो गई थी और 56 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी. सी. जोशी ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि पटेल ने उन घटनाक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिनके कारण यह त्रासदी हुई.

पीड़ितों के वकील एन.आर. जडेजा ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने कहा है कि ओरेवा समूह ने पुल के नवीनीकरण का काम एक ऐसी कंपनी को दिया था, जिसे आवश्यक तकनीकी ज्ञान नहीं था. साथ ही आम लोगों के लिए पुल खोलने से पहले कोई परीक्षण या विशेषज्ञ सलाह नहीं ली गई थी.

यह भी पढ़ें -

-- हिमाचल प्रदेश: जिओरी-सराहन रोड पर भूस्खलन में कार दबी; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, बारिश
-- उद्धव ठाकरे के बारे में विवादित बयान देने के मामले में नारायण राणे को किया गया बरी

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
NDTV Davos Coverage: India बना Global AI Power? | Rahul Kanwal | Ashwini Vaishnaw | NDTV India