- इंडिया गठबंधन की बैठक में टीएमसी की सागरिका घोष ने बंगाल चुनाव के कारण सभी सांसदों की उपस्थिति असंभव बताई
- डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा कि उनके सांसद चुनाव के बावजूद बैठक में शामिल होंगे, जबकि उन्हें चेन्नई से आना है
- राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों की वोटिंग में अनुपस्थिति सरकार को समर्थन देने जैसा होगा
आज दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में टीएमसी की तरफ से सागरिका घोष मौजूद थीं. उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव के चलते सभी सांसदों का आना मुश्किल है. उनका यह कहना गठबंधन के अन्य दलों को रास नहीं आया. डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा कि उनके राज्य में भी चुनाव है लेकिन उनके सांसद आएंगे , जबकि उन्हें चेन्नई से आना है. एक नेता ने ये भी सलाह दी कि छह घंटे के लिए चार्टर्ड फ्लाइट लेकर आ सकते हैं.
राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि अगर विपक्ष के सांसद वोटिंग से अनुपस्थित रहते हैं तो ये सरकार को समर्थन देने जैसा होगा. दिलचस्प बात ये है कि अभी तक पार्टी ने अपने सांसदों के लिए कोई व्हिप जारी नहीं किया है.
इधर सूत्रों का कहना है कि इस मामले में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ममता बनर्जी से बात कर सकते हैं. उद्धव ठाकरे इंडिया गठबंधन की बैठक में ऑनलाइन जुड़े थे. वहीं आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि सभी विपक्षी दलों के लिए मतदान में हिस्सा लेना अनिवार्य बनाया जाना चाहिए.
मीटिंग के बाद खरगे ने क्या कहा?
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा है कि हम सभी इसके समर्थन में हैं, लेकिन जिस तरह से इसे पेश किया जा रहा है, उसे लेकर हमें आपत्ति है और हम अपना विरोध दर्ज कराएंगे. दिल्ली में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं. हालांकि, इसे जिस तरीके से पेश किया गया है, वह संदिग्ध है और हमें इस पर गंभीर आपत्ति है. यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है. केंद्र की मोदी सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने और दबाने के लिए इस तरह से काम कर रही है.
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राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने भी इस बिल को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल पास करने के लिए 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि देश में अभी जाति-आधारित जनगणना चल रही है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार अभी जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। यह संशोधन परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों की मनमानी फेरबदल का इस्तेमाल करके सत्ता पर कब्जा करने की एक कोशिश है.
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