'जी राम जी' बिल के विरोध में आधी रात को धरने पर बैठा विपक्ष, कड़ाके की ठंड में संसद के बाहर डाला डेरा

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने वीबी जी-राम जी बिल पास होने पर कहा, ".."यह बिल अहंकार का प्रतीक है. हमारी मांग बहुत मामूली थी कि इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए.

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विपक्षी दल ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ के विरोध में संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर धरने पर बैठे.
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  • संसद ने विपक्ष के विरोध के बावजूद विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 को गुरुवार को पारित कर दिया.
  • विपक्षी दलों ने ये बिल पास होने के विरोध में 12 घंटे धरना दिया.
  • CPI और कांग्रेस सांसदों ने इस बिल को गरीबों और मजदूरों के खिलाफ बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी.
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नई दिल्ली:

संसद ने गुरुवार को विपक्ष के विरोध के बीच ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025' को पारित कर दिया. ये बिल पारित होने के खिलाफ विपक्षी नेताओं ने गुरुवार रात संसद परिसर में 12 घंटे का रात भर का विरोध प्रदर्शन किया. TMC सांसद सागरिका घोष ने कहा, "हम 12 घंटे  के लिए धरना दे रहे हैं क्योंकि NREGA को खत्म कर दिया है, महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान किया है, और देश की जनता का भी अपमान किया है. NREGA देश के गरीब लोगों के लिए एक सपोर्ट सिस्टम था और अब इसे खत्म कर दिया गया है... इसके विरोध में हम यह 12 घंटे का धरना दे रहे हैं."

CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने वीबी जी-राम जी बिल पास होने पर कहा, "यह बिल गरीबों और मजदूरों पर बम गिराने जैसा है. यह लोगों के लिए बीजेपी का नए साल का तोहफा है. हमने सेशन का बॉयकॉट किया है और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आने वाले दिनों में हम सड़कों पर उतरेंगे."

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने वीबी जी-राम जी बिल पास होने पर कहा, ".."यह बिल अहंकार का प्रतीक है. हमारी मांग बहुत मामूली थी कि इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए. यह कोई बहुत बड़ी मांग नहीं है... उन्होंने इस स्कीम में बहुत सारी पाबंदियां लगा दी हैं.

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कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने वीबी जी-राम जी बिल पास होने पर कहा, "...हम मनेरगा के पूरे चर्चा में साथ रहे और पूरी चर्चा की. दोनों सदनों में हमने बार-बार कहा कि इसको संयुक्त संसदीय समिति में भेजिए क्योंकि इसमें बहुत संशोधन करना चाहिए. आज की तारीख में आप गरीब को और गरीब करने के लिए दोबारा से आपने मनरेगा को संशोधित किया, आप क्यों उनका 60 दिन का रोजगार खत्म करना चाह रहे हैं. .आप धीरे-धीरे मनरेगा को खत्म करना चाह रहे हैं और जो मजदूर है और गरीब है उसको मनेरगा के कारण अच्छी मजदूरी मिल रही थी अब आप उनको दोबारा से ब्लैकमेल करना चाहते हैं. आपको इस बिल को दोबारा से वापस लेना होगा."

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