ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ! पाकिस्तानी सीमा पर गरजेंगे भारत के फाइटर जेट्स और तोपें

इस एक्सरसाइज में शामिल हवाई संसाधनों के बारे में विंग कमांडर ए.बी. वसाने ने बताया कि ड्रिल में 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट विमान हिस्सा लेंगे.भाग लेने वाले लड़ाकू विमानों में राफेल, तेजस, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, जगुआर और मिराज-2000 शामिल हैं.

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नई दिल्ली:

भारतीय वायु सेना (IAF) फरवरी में पाकिस्तान से लगी सीमा के पास पोखरण, राजस्थान में युद्ध अभ्यास ‘एक्सरसाइज वायु शक्ति' करने जा रही है. इस अभ्यास में 275 से अधिक तरह के हथियार और सैन्य उपकरण तैनात किए जाएंगे. अपने सटीक और ताबड़तोड़ हमलों से दुश्मन को चौंकाने वाली एयरफोर्स इस एक्सरसाइज में करीब 12,000 किलोग्राम विस्फोटकों का इस्तेमाल करेगी. 

इस एक्सरसाइज में एयरफोर्स अपनी ताकत दिखाने के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर की भी झलक पेश करेगी. यूं तो भारत की सभी सेनाओं ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाया था. यहां तक कि सीधे हमला न कर भी नेवी ने पाकिस्तानी जंगी बेड़ों को बंदरगाह में ही रोके रखा था. लेकिन इस ऑपरेशन की शुरुआत एयरफोर्स ने ही की थी. इस ड्रिल में वायु सेना के 120 से भी ज्यादा प्लेटफॉर्म्स को शामिल किया जाएगा. इनमें लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट विमान, और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे. 11 फरवरी को नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि इस एक्सरसाइज में हम सटीक निशाना लगाने की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. एक लक्ष्य तय किया जाएगा, विमान हथियार छोड़ेंगे और लक्ष्य पर पूरी सटीकता के साथ हमला किया जाएगा

उन्होंने आगे कहा कि पहली बार दो नए हथियार सिस्टम दिखाए जाएंगे और इस बार स्वदेशी हथियारों की संख्या पहले से ज्यादा होगी.स्वदेशी हथियारों का ये प्रदर्शन यह भी बताता है कि समय कि साथ भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि C-295 परिवहन विमान पहली बार ऑपरेशनल भूमिका में हिस्सा लेगा. ये वही विमान है जिसे टाटा-एयरबस के जॉइंट वेंचर के तहत भारत में बनाया जा रहा है.

एक्सरसाइज में शामिल हवाई संसाधनों के बारे में विंग कमांडर ए.बी. वसाने ने बताया कि ड्रिल में 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट विमान हिस्सा लेंगे.भाग लेने वाले लड़ाकू विमानों में राफेल, तेजस, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, जगुआर और मिराज-2000 शामिल हैं. हेलीकॉप्टरों में अपाचे, एमआई-17, एमआई-17 वी5, चिनूक, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) तैनात किए जाएंगे.

परिवहन विमानों में C-17, C-295 और C-130J भी अभ्यास का हिस्सा होंगे. साथ ही हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए आकाश, स्पाइडर और L-70 गन जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के साथ विशेष बल (स्पेशल फोर्स) की टीमें भी युद्ध सहायता देंगी. विंग कमांडर वसाने ने बताया कि भारतीय सेना भी इस अभ्यास में भाग लेगी. सेना M-777 होवित्जर तोप, L-70 गन और स्पेशल फोर्स के जवान तैनात करेगी.

ये सभी विमान जैसलमेर, फलोदी, उत्तरलाई, जोधपुर, हिंडन और वडोदरा जैसे एयरबेस से उड़ान भरेंगे. विंग कमांडर के मुताबिक इस अभ्यास का मकसद भारतीय वायु सेना की ताकत और युद्ध के लिए उसकी तैयारी दिखाना है. देशवासियों को ये विश्वास दिलाना है कि भारत की सेनाएं किसी भी समय, किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं. साथ ही इसका मकसद युवाओं को वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है.

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