MP सरकार बताए, अब तक क्यों नहीं मिली मंजूरी? कर्नल सोफिया पर टिप्पणी केस में SC सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया. कोर्ट ने शाह की माफी ठुकराते हुए कहा कि अब माफी देने में बहुत देर हो चुकी है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • SC ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह में विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने का निर्देश दिया
  • कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा अभी तक सैंक्शन न देना गंभीर सवाल खड़ा करता है
  • मंत्री विजय शाह का माफीनामा सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

'ऑपरेशन सिंदूर' मामले में कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी (सैंक्शन) दी जाए या नहीं. अदालत ने साफ कहा कि अब तक सरकार द्वारा सैंक्शन न देना गंभीर सवाल खड़े करता है.

सुप्रीम कोर्ट ने आज SIT की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पढ़ने के बाद टिप्पणी की कि निचली अदालत में लंबित इस मामले में राज्य सरकार ने अब तक आवश्यक अनुमति नहीं दी है, जबकि प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी. कोर्ट ने कहा “राज्य सरकार दो हफ्तों में सैंक्शन देने पर विचार करे. अब तक देरी क्यों हुई, इसका जवाब चाहिए.”

वहीं, मंत्री विजय शाह की ओर से पेश किए गए माफीनामे को सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती से खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि अब माफी देना बेकार है, क्योंकि देरी बहुत हो चुकी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले जो ऑनलाइन माफी दाखिल की गई थी, उस पर भी अदालत अपनी टिप्पणी दे चुकी है और वह स्वीकार्य नहीं है.

शाह के वकील ने दलील दी कि मंत्री ने माफी मांग ली है, लेकिन बेंच ने दो टूक कहा “अब बहुत देर हो चुकी है.” सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य जुड़े मामले में SIT से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है और कहा कि जांच के बाकी पहलुओं पर भी विस्तृत रिपोर्ट दी जाए. यह पूरा केस उस विवादित टिप्पणी से जुड़ा है, जो विजय शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मीडिया ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की थी. टिप्पणी पर भारी विवाद हुआ, जिसके बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने SIT बनाकर जांच शुरू कराई.

ये भी पढ़ें-: अब बंगाल में बनेगा राम मंदिर, 100 करोड़ की लागत और क्या होगी खासियत, जानें सबकुछ

Featured Video Of The Day
Lucknow में Babri Masjid पोस्टर बवाल! 'हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर गिराएंगे, बटोगे तो कटोगे' | Yogi
Topics mentioned in this article