संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं, हम सभी से संपर्क करेंगे: रीजीजू

रीजीजू ने अपने पूर्ववर्ती प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन की उपस्थिति में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला.

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नई दिल्ली:

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि सरकार या विपक्ष को संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि वह संसद के सुचारू कामकाज के लिए हर दल से संपर्क करेंगे. संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद रीजीजू ने कहा कि 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद के पहले सत्र की तारीखों को लेकर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं किया है. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि सत्र जून के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है. रीजीजू ने कहा, 'सत्र की तारीखों पर चर्चा चल रही है. मैं अभी साझा नहीं कर सकता.'

रीजीजू ने अपने पूर्ववर्ती प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन की उपस्थिति में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला.

उन्होंने कहा, 'हमें संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है. लोग संसद के बाहर बाहुबल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सदन के अंदर हमें अच्छी बहस करनी चाहिए और मुखरता से अपनी बात रखनी चाहिए.'

रीजीजू ने कहा कि देश के लोग सर्वोपरि हैं और लोकसभा चुनाव के नतीजों में उनके फैसले परिलक्षित होते हैं. इसका सम्मान किया जाना चाहिए.

अरुणाचल प्रदेश से चार बार के लोकसभा सदस्य ने कहा, 'जिन्हें सरकार चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें सरकार चलाना चाहिए, जिन्हें विपक्ष का काम सौंपा गया है उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए.'

रीजीजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की गरिमा बनाए रखने में योगदान देने की अपील की. उन्होंने कहा, 'मैं यहां सकारात्मक भाव से आया हूं. हम सभी को साथ लेकर चलने और संसद चलाने का पूरा प्रयास करेंगे.'
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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