UPA काल में पट्टे पर विमान लिए जाने में गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं : सीबीआई

विशेष अदालत यह फैसला करेगी कि इस रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या एजेंसी को विभिन्न बिंदुओं पर आगे जांच का निर्देश दिया जाए. यह मामला एयर इंडिया द्वारा बड़ी संख्या में विमानों को पट्टे पर लेने में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है, जिसके कारण राष्ट्रीय विमानन कंपनी को भारी नुकसान हुआ, जबकि कुछ लोगों को फायदा हुआ.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन काल में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय से बनी कंपनी एनएसीआईएल द्वारा पट्टे पर विमान लिए जाने में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने एक ‘क्लोजर रिपोर्ट' दायर की है, क्योंकि उसे इस मामले में 'किसी गलत काम का कोई सबूत' नहीं मिला. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 2017 में इस मामले की जांच शुरू की थी. एजेंसी ने हाल ही में एक विशेष अदालत के समक्ष ‘क्लोजर रिपोर्ट' दायर की.Vअधिकारियों ने कहा कि निजी अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के साथ सीटों को लेकर समझौता सहित एयर इंडिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित अन्य मामले अभी जारी हैं.

विशेष अदालत यह फैसला करेगी कि इस रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या एजेंसी को विभिन्न बिंदुओं पर आगे जांच का निर्देश दिया जाए. यह मामला एयर इंडिया द्वारा बड़ी संख्या में विमानों को पट्टे पर लेने में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है, जिसके कारण राष्ट्रीय विमानन कंपनी को भारी नुकसान हुआ, जबकि कुछ लोगों को फायदा हुआ.

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि बड़े पैमाने पर विमानों की खरीद और कई उड़ानों, खासकर विदेशी उड़ानों में यात्रियों की संख्या कम होने होने के बाद भी नागर विमानन मंत्रालय तथा नेशनल एविएशन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसीआईएल) के अधिकारियों द्वारा विमानों को पट्टे पर लेने के संबंध में फैसला किया गया था. उस समय प्रफुल्ल पटेल नागर विमानन मंत्री थे.

एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद नेशनल एविएशन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का गठन किया गया था.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
PM Modi Israel Visit 2026: मोदी-नेतन्याहू की बड़ी बैठक! 10 अरब डॉलर के डिफेंस डील पर लगेगी मुहर?
Topics mentioned in this article