दिल्‍ली : कार से कई किमी तक घसीटी गई युवती के परिवार से मिलीं निर्भया की मां

निर्भया की मां ने कहा, "मैं प्रशासन से मामले की जांच करने और परिवार को आर्थिक मदद देने का आग्रह करती हूं. परिवार के सदस्‍य को जितनी जल्‍द संभव हो, नौकरी दी जानी चाहिए."

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निर्भया की मां ने अधिकारियों से मामले की जांच करने और परिवार को आर्थिक मदद उपलब्‍ध कराने का आग्रह किया
नई दिल्‍ली:

वर्ष 2012 में गैंगरेप की शिकार हुई 'निर्भया' की मां आशा देवी ने बुधवार को 20 वर्षीय उस युवती (निधि) के परिजनों से मुलाकात की जिसे दिल्‍ली के कंझावाला एरिया में कार से टक्‍कर मारने के बाद सड़क पर कई किमी तक घसीटा गया था. कार की चपेट में आने से इस युवती की मौत हो गई थी. पीड़‍िता के परिवार से मिलने के बाद आशा देवी ने अधिकारियों से मामले की समुचित जांच करने और परिवार को आर्थिक मदद उपलब्‍ध कराने का आग्रह किया. उन्‍होंने यह भी कहा कि परिवार के एक सदस्‍य को जल्‍द से जल्‍द नौकरी दी जानी चाहिए.    

निर्भया की मां ने कहा, "मैं प्रशासन से मामले की जांच करने और परिवार को आर्थिक मदद देने का आग्रह करती हूं. परिवार के सदस्‍य को जितनी जल्‍द संभव हो, नौकरी दी जानी चाहिए. मैं किसी पर कोई आरोप नहीं लगाना चाहती लेकिन उस लड़की (निधि) ने अपने बयान में जो कहा, मैं उसका समर्थन नहीं करती." गौरतलब है कि अंजलि की दोस्‍त निधि, जो कि घटना के समय दोपहिया वाहन के पीछे बैठी थी, ने मंगलवार को कहा था कि कार में बैठे आरोपी जानते थे कि युवती उनकी कार के नीचे फंसी है, इसके बावजूद वे उसे घसीटते रहे. 

अंजलि की दोस्‍त ने कहा, "कार के टकराने के बाद मैं एक तरफ गिर गई जबकि मेरी दोस्‍त कार के नीचे फंस गई.  उन लोगोंको पता था कि लड़की उनकी कार के नीचे फंसी है लेकिन इसके बाद में वे जानबूझकर उसे घसीटते रहे. निधि ने कहा था कि अंजलि नशे की हालत में थी लेकिन इसके बावजूद दोपहिया वाहन चलाने पर जोर दे रही थी. निधि ने कहा था, "यह उस लड़की की गलती है जो नशे की हालत में गाड़ी चला रही थी. मैंने उससे इतना आग्रह किया था कि गाड़ी मत चलाओ. मैं ठीक हूं मुझे गाड़ी चलाने दो लेकिन उसने मुझ पर विश्वास नहीं किया और खुद पर भरोसा किया." इससे पहले, दिन में दिल्‍ली के उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया, 20 वर्षीय युवती के घर पहुंचे थे.  सिसोदिया ने कहा कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि क्रूरता है जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. इस मामले में जो भी दोषी है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. 

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मनीष सिसोदिया ने पत्रकारों से कहा कि कंझावला कांड क्रूरता का उदाहरण है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. एक युवती कार के नीचे फंस जाती है और कार उसे कई किलोमीटर तक घसीटती रहती है.  कार चलाने वाले को इसका पता तक नहीं चलता है. उन्‍होंने कहा कि यह घटना अतिक्रूरता का उदाहरण है. दुख की बात यह है कि हम अभी भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. हमें पता है कि युवती अपने परिवार की अकेली कमाने वाली सदस्य थी, सरकार ने परिवार की मदद के लिए 10 लाख रुपये दिए हैं. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मंगलवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी. 

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