- राजस्थान में नीट 2026 परीक्षा पेपर लीक होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है
- परीक्षा रद्द होने के बाद सीबीआई को जांच सौंप दी गई है और नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी
- कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार के दस वर्षों में परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं
नीट-2026 एग्जाम कैंसिल हो गया है. राजस्थान में पेपर लीक की खबर से मचे बवाल के बाद नैशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA) ने बड़ा फैसला लेते हुए यह परीक्षा ही रद्द कर दी है. एनटीए ने कहा कि जांच सीबीआई के हवाले कर दी गई है और जल्द ही नई तारीख की घोषणा कर दी जाएगी. नीट एग्जाम के लिए छात्रों के न एग्जाम सेंटर बदले जाएंगे और न ही कोई फीस लगेगी. नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राजनीतिक गलियारों से भी रिएक्शन सामने आ रहे हैं.
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,और बदले में मिला, पेपर लीक- राहुल गांधी
राहुल गांधी की नीट परीक्षा रद्द होने पर पहली प्रतिक्रिया आई है.NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गई. 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया.किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार.
यह सिर्फ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है. हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं.अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे. अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुंच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है.
भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया- अशोक गहलोत
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने लिखा कि NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी.राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया.नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है.
गहलोत ने आगे कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए OMR शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो.कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई.इसी प्रकार,अब NEET (UG) परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई.अब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है.
डीएमके ने भी फोड़ा सरकार पर ठीकरा
NEET‑UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द किए जाने पर डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है.यह एक तरह का संगठित लूट (organised loot) है.यह पहली बार नहीं है, बल्कि चौथी या पांचवीं बार ऐसा हुआ है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है. बीजेपी सरकार ने इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए.NTA एक ऐसा संस्थान बन गया है, जहां RSS से जुड़े लोग भरे हुए हैं और इसी कारण बार‑बार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. हम पहले भी कह चुके हैं कि NEET से योग्यता (merit) तय नहीं होती.” उन्होंने आगे कहा, “NEET पर TVK का क्या रुख है, यह देखना होगा.”
शर्म आनी चाहिए- कांग्रेस
कांग्रेस ने अपे आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि NEET का पेपर लीक हो गया,परीक्षा रद्द हो गई.इस परीक्षा के रद्द होने से करीब 22 लाख छात्रों की कड़ी मेहनत, उनके परिवार का पैसा सब पानी में चला गया.ये पहली बार नहीं है- मोदी सरकार में 10 साल के अंदर 89 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं. पेपर लीक और परीक्षा में धांधली BJP सरकार की पहचान बन चुकी है, जहां सरकार के संरक्षण में पल रहे पेपर लीक माफिया छात्रों का भविष्य तबाह कर रहे हैं. पेपर लीक से हर साल लाखों सपने टूटते हैं, छात्रों का जीवन उजड़ जाता है, लेकिन उनका दर्द BJP नेताओं को नजर नहीं आता, क्योंकि उनके बच्चे तो विदेश में मजे से पढ़ाई कर रहे हैं. कांगेस ने कहा कि सच है कि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने परीक्षा के सिस्टम को खोखला कर दिया है, जहां युवाओं के सपनों का गला घोंटा जा रहा है और देश की नींव कमजोर की जा रही है. शर्म आनी चाहिए.
सवाल ये है कि आखिर पेपर लीक हुआ क्यों?- AAP
देश के लाखों बच्चों का मनोबल तोड़कर, उनकी सालों की मेहनत बर्बाद कर, अपने शिक्षा माफिया मित्रों को फायदा पहुंचाने के बाद अब मोदी सरकार न्याय का ढोंग कर रही है. पेपर लीक होने की वजह से गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की मेहनत की कमाई बर्बाद हुई. बच्चों का सफर, रहने का खर्च, महीनों की तैयारी सब पर पानी फिर गया.
आम आदमी पार्टी ने कहा कि सवाल सिर्फ दोबारा परीक्षा कराने का नहीं है. सवाल ये है कि आखिर पेपर लीक हुआ क्यों? किसे फायदा पहुंचाया गया? और सरकार की गलती की सजा देश के बच्चे क्यों भुगतें? पिछले 10 सालों में 90 से ज्यादा पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी जांच की कोई ठोस रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई. तो अब देश के मेहनती बच्चे सरकार के इन खोखले वादों और जांचों पर कैसे भरोसा करें?
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