- असम में हिमंता बिस्वा सरमा मंगलवार को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. 4 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे.
- खानपारा में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के CM पहुंचेंगे.
- BJP के रामेश्वर तेली, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो और BJP की अजंता नियोग मंत्री पद की शपथ लेंगे.
असम में मंगलवार को हिमंता बिस्वा सरमा के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी पूरी हो चुकी है. सरमा के अलावा चार और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. इसके साथ ही राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू होगा. खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है.
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर सरमा और नई मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. सरमा के अलावा चार अन्य विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. इनमें भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, असम गण परिषद एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के चरण बोरो और भाजपा के अजंता नेओग शामिल हैं. वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता रणजीत दास असम विधानसभा के नए अध्यक्ष होंगे. सरमा ने खुद एक एक्स पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है.
सरमा के साथ शपथ लेने वाले विधायक कौन, यहां जानें
अतुल बोरा: असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा ने एक बार फिर असम की बोकाखाट सीट से जीत दर्ज की है. सर्बानंद सोनोवाल और हिमंता बिस्वा सरमा सरकार की सरकारों में भी बोरा कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. इससे पहले वे गोलाघाट सीट से 1996 से 2001 तक विधायक रह चुके हैं.
रामेश्वर तेली: असम के वरिष्ठतम भाजपा नेताओं में से एक रामेश्वर तेली असम विधानसभा चुनावों में दुलियाजान सीट से चुने गए हैं. तेली 2014 से 2024 तक डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे. उन्होंने 2021 से 2024 तक मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया. इससे पहले, वे 2019 से 2020 तक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री थे. इससे पहले, तेली 2001 से 2011 तक असम विधानसभा में दुलियाजान सीट से विधायक भी रह चुके हैं.
अजंता नियोग: भाजपा की वरिष्ठ नेता अजंता नियोग गोलाघाट सीट से चुनी गई हैं. नियोग मई 2021 में असम सरकार में वित्त एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री बनी. वह असम की पहली महिला वित्त मंत्री भी हैं और 2001 से लगातार गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. असम में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली महिला विधायक होने का रिकॉर्ड भी अजंता नियोग के नाम है.
चरण बोरो: बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के वरिष्ठ नेता चरण बोरो माजबात सीट से चुने गए हैं. बोरो 2016 से असम विधानसभा में माजबात का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वे पहली सरमा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे और इससे पहले बोडोलैंड के परिवहन और कल्याण सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल चुके हैं.
असम में लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार
भाजपा नीत गठबंधन के 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पहली बार सत्ता में आने के बाद से यह राज्य में एनडीए का लगातार तीसरा कार्यकाल होगा. एनडीए में भाजपा के साथ ही असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) शामिल हैं. गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट पर जीत दर्ज की है. भाजपा ने अकेले 82 सीट जीतकर राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया, जबकि अगप और बीपीएफ को 10-10 सीट मिलीं.
पहले 100 दिन की प्राथमिकता बता सकते हैं सरमा
शपथ ग्रहण समारोह के बाद सरमा की नई सरकार के पहले 100 दिन की प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की उम्मीद है. इनमें भूमि अधिकारों और अतिक्रमण हटाने के अभियानों से संबंधित प्रतिबद्धताएं भी शामिल होंगी. यह प्रचंड चुनावी जीत ‘पहचान, भूमि और सुरक्षा' के मुद्दों को उठाते हुए चलाए गए प्रचार अभियान के बाद मिली है.
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शपथ ग्रहण में आ सकते हैं एक लाख लोग
प्रदेश भाजपा के मीडिया संयोजक ध्रुवज्योति मारल के मुताबिक, सभी 126 निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जा रहा है और इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘कार्यक्रम स्थल पर तीन मंच होंगे. शपथ ग्रहण समारोह मुख्य मंच पर होगा, जहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बैठेंगे. हमें उम्मीद है कि कम से कम छह केंद्रीय मंत्री, 20 मुख्यमंत्री और 23 उपमुख्यमंत्री उपस्थित हो सकते हैं.''














