सिर्फ 100 किमी में सिमट जाएगा दिल्ली एनसीआर? 5 जिले बाहर करने का प्रस्ताव, NCR प्लानिंग बोर्ड में आज फैसला

NCR Planning Board meeting Today: दिल्ली में नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड की अहम बैठक 16 जून को हुई. इसमें 30 मिनट एनसीआर, आठ स्मार्ट शहर बनाने और 5 जिले एनसीआर के दायरे से बाहर करने का प्रस्ताव आया.

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Delhi NCR Planning Board Meeting: दिल्ली एनसीआर
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  • दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की आज अहम बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी
  • 30 मिनट में एनसीआर, न्यू नोएडा समेत 8 स्मार्ट सिटी और एनसीआर से 5 जिले बाहर करने पर चर्चा होगी
  • दिल्ली एनसीआर में यूपी, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के अभी 24 जिले शामिल हैं
नई दिल्ली:

NCR Draft Regional Plan 2041: दिल्ली में 16 जून को 42वीं एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अहम बैठक हुई. इसमें एक प्रस्ताव एनसीआर का दायरा 100 किलोमीटर तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया. हालांकि हरियाणा के पानीपत, चरखी दादरी, जींद समेत 5 जिले एनसीआर से बाहर करने का ये प्रस्ताव नामंजूर हो गया अगर ये प्रस्ताव पारित होता ता दिल्ली से 100 किमी के दायरे तक एनसीआर क्षेत्र सीमित हो सकता था. बैठक में दिल्ली, हरियाणा समेत तीन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए.बैठक में दिल्ली एनसीआर के चार राज्यों में चार नमो नोड्स नाम से नमो सिटी बनाने का फैसला हुआ, नमो भारत ट्रेन यानी रैपिड रेल के रूट पर ये शहर बसाए जाएंगे. 

दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) के दायरे को छोटा करने का पूरा मामला ड्राफ्ट क्षेत्रीय योजना-2041 (Draft Regional Plan-2041) से जुड़ा हुआ है. इसके तहत एनसीआर के दायरे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव था, जो मंजूर नहीं हुआ.

क्या है एनसीआर के 100 किलोमीटर का नया नियम?

एनसीआर का दायरा अभी 24 जिलों में दिल्ली की सीमा से करीब 150 से 175 किलोमीटर दूर तक फैला हुआ है. इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई जिले भी शामिल हैं. एनसीआर का मुख्य दायरा दिल्ली के राजघाट से केवल 100 किलोमीटर के हवाई दायरे तक ही सीमित करने की का प्रस्ताव था. इस 100 किमी के दायरे के बाहर के क्षेत्रों को मुख्य एनसीआर से अलग कर देना था. लेकिन इसकी बजाय एनसीआर को चार जोन में बांटने पर सहमति बनी है

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हरियाणा क्यों लाया था प्रस्ताव

एनसीआर में सबसे बड़ा हिस्सा हरियाणा का 14 जिले का है. नए 100 किलोमीटर के नियम के कारण हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र 25,327 वर्ग किमी से घटकर सिर्फ 10,546 वर्ग किमी रह जाता, यानी करीब 60% की कटौती होगी. दरअसल, एनसीआर में पॉल्यूशन, इंडस्ट्री और अन्य कड़े मानकों के कारण हरियाणा के कुछ जिलों में परियोजनाएं अटकी हुई हैं.

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एनसीआर के कौन से 5 जिले

  1.  करनाल (Karnal): यह दिल्ली से करीब 120-121 किमी दूर है, जो नए दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाता है.
  2. महेंद्रगढ़ (Mahendragarh): दिल्ली से करीब 112-113 किमी दूर होने के कारण यह भी लगभग पूरी तरह बाहर हो जाएगा.
  3. जींद (Jind): दिल्ली से इसकी दूरी 103-115 किमी है, जिससे इसकी तहसीलें दायरे से बाहर चली जाएंगी.
  4. पानीपत (Panipat): यह दिल्ली से 88-95 किमी की बॉर्डरलाइन पर है. इसका मुख्य शहर तो बच सकता है, लेकिन जिले का एक बड़ा हिस्सा 100 किमी के पार निकल जाता है.
  5. भिवानी (Bhiwani):दिल्ली से 107-108 किमी दूर होने के कारण इसकी केवल कुछ नजदीकी तहसीलें ही एनसीआर में बच पाएंगी.

एनसीआर में कितने जिले

उत्तर प्रदेश में मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और राजस्थान में अलवर, भरतपुर ने लचीला रुख अपनाया है कि अगर उनकी कोई तहसील आंशिक रूप से भी 100 किमी के भीतर है तो उसे शामिल रखा जाए. हरियाणा सरकार ने खुद यह सख्त शर्त रखी है कि केवल वही तहसीलें एनसीआर में रहेंगी जो पूरी तरह इस 100 किमी के दायरे के अंदर आती हैं.

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Draft Regional Plan 2041