- नर्मदा एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश का सबसे लंबा हाईवे है, जो अमरकंटक, जबलपुर को कवर करेगा.
- नर्मदा एक्सप्रेसवे 20 शहरों को हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. यह भविष्य में अहमदाबाद तक जाएगा.
- इसकी खास बात यह है कि यह 30 हाईवे की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और तीन राज्यों को कनेक्ट करेगा.
नर्मदा एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे हुए अमरकंटक से शुरू होकर अलीराजपुर जिले तक जाएगा. इस दौरान यह मध्य प्रदेश के 20 बड़े शहरों को कनेक्ट करेगा. इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात यह है कि यह 30 हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी देगा. जबकि इसे भविष्य में गुजरात के भरूच और अहमदाबाद तक ले जाने का प्लान है. एमपी में इसकी लंबाई 906 किलोमीटर है, तीनों राज्य छत्तीसगढ़-एमपी-गुजरात को मिलाकर इसकी कुल लंबाई फ्यूचर में 1300 किलोमीटर हो जाएगी. यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश का सबसे लंबा हाईवे है. जिसमें जबलपुर, नरसिंहपुर, खंडवा जैसे बड़े शहर शामिल होंगे.
अहमदाबाद तक ले जाने की योजना
नर्मदा प्रगति पथ एक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. इसे मध्य प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित करने की योजना है. यह नर्मदा नदी के समानांतर पूर्व से पश्चिम तक राज्य को जोड़ेगा. परियोजना को भविष्य में गुजरात तक विस्तार देकर भरूच या अहमदाबाद से जोड़ने की भी योजना है, जिससे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच हाई-स्पीड सड़क संपर्क स्थापित हो सकेगा.
एमपी के इन शहरों को कनेक्ट करेगा हाईवे
- अमरकंटक (अनूपपुर)
- डिंडौरी
- मंडला
- जबलपुर
- नरसिंहपुर
- नर्मदापुरम (होशंगाबाद)
- हरदा
- खंडवा
- खरगोन
- बड़वानी
- अलीराजपुर
30 राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जुड़ेगा
इस एक्सप्रेसवे से महाकौशल, नर्मदापुरम और निमाड़ क्षेत्र के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा आसान होगी. यह प्रदेश के लगभग 30 राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जुड़ेगा, जिससे इंदौर, भोपाल, जबलपुर समेत कई बड़े शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. जहां से दूसरे राज्यों के बड़े हाईवे को यह इंटरनल कनेक्ट करेगा. इस योजना को चरणबद्ध तरीके से विस्तार करने की योजन है. इसके लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं पर काम चल रहा है. सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना पर काम कर रही है.
भारत के इन राज्यों से भी होगा कनेक्ट
- नर्मदा एक्सप्रेसवे बिलासपुर, पेंड्रा और गौरेला- मरवाही से आने वाले वाहनों को अमरकंटक के जरिए सीधे नर्मदा एक्सप्रेसवे का हाई-स्पीड कॉरिडोर मिलेगा.
- छत्तीसगढ़ से जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन और अलीराजपुर की यात्रा और तेज हो जाएगी.
- कोयला, सीमेंट, स्टील के परिवहन की लागत और समय कम होगा.
- अमरकंटक, भेड़ाघाट, ओंकारेश्वर, महेश्वर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक छत्तीसगढ़ के यात्रियों की पहुंच आसान होगी.
भविष्य में जब एक्सप्रेसवे का विस्तार गुजरात तक होता है. तो छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश होते हुए गुजरात के औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों तक तेज सड़क संपर्क स्थापित होगा. इससे पूर्वी भारत से पश्चिमी तट तक माल परिवहन को नई गति मिलेगी.
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