नागपुर में बच्चों से चलवा रहे थे भारी मशीनें, गंदे कमरों में रखते थे, फैक्ट्री मालिक पर शिकंजा

नागपुर के बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में नाबालिग बच्चों को खतरनाक मशीनें चलाने पर मजबूर किया जा रहा था, पुलिस ने छापेमारी कर 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • नागपुर में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी, जिनमें नौ बच्चे मुक्त कराए गए थे
  • नारायण बिस्कुट फैक्ट्री में बच्चों को खतरनाक मशीनें चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा था
  • बच्चों को दूसरे राज्यों और जिलों से लाकर रसायनों से भरे वातावरण में काम कराया जा रहा था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नागपुर:

बच्‍चों से भारी मशीनें चलवाई जा रही थीं, इन्‍हें गंदे कमरों में रखा जा रहा था... पुलिस नागपुर की एक फैक्‍ट्री में पहुंची, तो कुछ ऐसा नजारा उसके सामने था. नागपुर जिले के बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Estate) में सोमवार को एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसमें नौ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. इसके पूर्व भी नागपुर के आसपास औद्योगिक इकाई यों में नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवाई जाने की चर्चा होती रही है. इस घटना से उस आशंका को बल मिला है.

बुटीबोरी स्थित 'नारायण बिस्कुट फैक्ट्री' में नाबालिग बच्चों को बेहद खतरनाक परिस्थितियों में काम पर रखा गया था. इन बच्चों को काम के लिए दूसरे राज्यों और जिलों से यहां लाया गया था. जांच के दौरान यह पता चला कि इन नाबालिगों से भारी और खतरनाक मशीनें जबरन चलवाई जा रही थीं. ऐसी भी आशंका जताई जा रही है कि छापेमारी के दौरान कुछ बच्चों को वहां से हटा दिया गया या कहीं छिपा दिया गया.

सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर एक्‍शन 

सामाजिक कार्यकर्ता राकेश भलावी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद बाल संरक्षण दल (Child Protection Team) ने तुरंत छापेमारी की और 4 लड़कियों तथा 5 लड़कों को सुरक्षित बाहर निकाला. बचाए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और समिति के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें :- गया में ईंट भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी का खुलासा, 62 का रेस्क्यू, आरोपी हुआ फरार

रसायनों से भरे वातावरण में कराया जा रहा बच्‍चों से काम   

दल के प्रमुखों में से एक मुश्ताक पठान ने एनडीटीवी को बताया कि बच्चों को रसायनों (chemicals) से भरे वातावरण में यहां काम करना पड़ रहा था, जिससे उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था. इसके अलावा बच्चों के रहने की व्यवस्था अत्यंत अस्वच्छ और घटिया स्तर की पाई गई. बुटीबोरी पुलिस ने फैक्ट्री निदेशक और चार अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच में यह सामने आया है कि फैक्ट्री ने श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया था. प्रबंधन ने बच्चों को कोई नियुक्ति पत्र (Appointment letter) जारी नहीं किया था और उनके काम के घंटे भी तय नहीं थे.

Advertisement

यह अभियान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में चलाया गया. इस टीम में  मुश्ताक पठान (जिला बाल संरक्षण अधिकारी), पी एस आई विठ्ठल मोरे, शिकायतकर्ता राकेश भलावी तथा चाइल्डलाइन और एक अन्य एनजीओ (NGO) के प्रतिनिधि शामिल थे.

ये भी पढ़ें :- गुरुग्राम: संदूक में पति की लाश, पत्नी के अवैध संबंध... सनसनीखेज मर्डर का पुलिस ने ऐसे खोला राज

Advertisement
Featured Video Of The Day
IPS अजय पाल की चेतावनी से बौखलाया TMC प्रत्याशी जहांगीर, बोला- वो सिंघम तो मैं पुष्पा