नागपुर में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी, जिनमें नौ बच्चे मुक्त कराए गए थे नारायण बिस्कुट फैक्ट्री में बच्चों को खतरनाक मशीनें चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा था बच्चों को दूसरे राज्यों और जिलों से लाकर रसायनों से भरे वातावरण में काम कराया जा रहा था