- नागपुर में CM फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मतदान कर चुनाव में भागीदारी दिखाई.
- 2017 के चुनाव में बीजेपी ने 108 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस केवल 29 सीटों पर सिमटी थी.
- 51% वोटिंग दर्ज हुई और कई वार्डों में बहु-कोणीय मुकाबले के साथ कई नई पार्टियां भी चुनावी संघर्ष में हैं.
नागपुर, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण देश की राजनीति का वैचारिक केंद्र कहा जाता है, आज नगर निगम चुनाव के नतीजों पर टकटकी लगाए बैठा है. यह वही शहर है जो देवेंद्र फडणवीस का गृह जिला भी है और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का संसदीय क्षेत्र भी. ऐसे में नगर निगम चुनाव के नतीजे सिर्फ स्थानीय राजनीति नहीं, बल्कि राज्य की सत्ता समीकरणों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं.
| नागपुर चुनाव रिजल्ट | आगे | जीते |
|---|---|---|
| महायुति | 20 | - |
| महाविकास अघाड़ी | 6 | - |
| अन्य | - | - |
कैसा हुआ चुनाव?
15 जनवरी को हुए मतदान में नागपुर नगर निगम (NMC) के 38 वार्डों में 24.47 लाख से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले. नागपुर की कुल 151 सीटों पर यह चुनाव हो रहा है. NMC में 151 सीटों पर 38 वार्ड हैं. इस बार 993 उम्मीदवार मैदान में हैं.
यह भी पढ़ें- आज तय होगा मुंबई का 'बॉस', ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर समेत 29 नगर निकायों के नतीजे भी होंगे जारी
2017 के पिछले चुनावों में बीजेपी ने कुल 151 सीटों में 108 सीटों जीती थी. कांग्रेस पार्टी 29 सीटों पर सिमट गई थी. 2017 के चुनावों में बीएसपी को 10 और शिवसेना को दो सीटों पर जीत मिली थी. इसके अलावा एक सीट एनसीपी और 1-1 सीट निर्दलीय और अन्य को मिली थी. तब कुल 53.72 फीसदी वोट पड़े थे.
कैसे हैं इस शहर के राजनीतिक समीकरण
इस महानगरपालिका के लिए BJP + शिंदे शिवसेना गठबंधन मैदान में है. कांग्रेस, NCP (शरद पवार), शिवसेना (UBT) अलग‑अलग लड़ रहे हैं.
किन चेहरों की साख दांव पर?
CM देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में ही वोट डाला, यह उनका गृह जिला है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी यहां से सांसद हैं. RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मतदान करने पहुंचे, जिससे मतदान में उत्साह बढ़ा.
यह भी पढ़ें- BMC Exit Polls: मुंबई में कांग्रेस को मिले सबसे ज्यादा मुस्लिम वोट, BJP, शिवसेना के भी चौंकाने वाले आंकड़े
2026 के लिए जमीन कैसी बनी?
51% वोटिंग दर्ज हुई. कई वार्डों में कई‑कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. BJP‑कांग्रेस सीधी लड़ाई के साथ AIMIM, AAP, VBA, MNS जैसी पार्टियां भी मैदान में हैं.













