बीजेपी संगठन में नागेंद्र को मिली नई जिम्मेदारी, क्या हैं इसके मायने

नागेंद्र ने करीब एक दशक तक प्रदेश संगठन महामंत्री के तौर पर पार्टी को मजबूत किया. संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी आरएसएस से आए प्रचारकों को दी जाती है. बीजेपी में संगठन महामंत्री का पद बहुत अहम होता है.

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नागेंद्र को बीजेपी ने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के संपर्क का दायित्व सौंपा है. (फोटो- नागेंद्र के फेसबुक पेज से)
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  • बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्र को राष्ट्रीय संगठक के रूप में नियुक्त किया है, उनका केंद्र दिल्ली है
  • नागेंद्र बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री रह चुके हैं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाएंगे
  • नागेंद्र का जन्म उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में हुआ था और वे संघ से लंबे समय से जुड़े हुए हैं
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बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज राष्ट्रीय संगठक (वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क) के तौर पर नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है. उनका केंद्र दिल्ली बनाया गया है. वर्तमान में वी सतीश भी संगठक के तौर पर काम कर रहे हैं. उनका दायित्व बीजेपी संसदीय दल, एससी एसटी मोर्चे में समन्वय और विशेष संपर्क अभियान है.

नई भूमिका में क्या करेंगे

नागेंद्र अभी तक बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के तौर पर काम कर रहे थे. नए पद के तौर पर उन्हें पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के संपर्क का दायित्व सौंपा गया है. वे अलग अलग क्षेत्रों का दौरा कर उन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संपर्क करेंगे, जो कई कारणवश या तो केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क नहीं कर पाते या फिर स्वयं को ऐसी स्थिति में पाते हैं, जहां उनकी बात नेतृत्व तक नहीं पहुंच पाती. 

71 वर्षीय नागेंद्र का केंद्र दिल्ली बनाया गया है और इस लिहाज़ से वे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक को सीधे संगठन महामंत्री बी एल संतोष और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन तक पहुंचाते रहेंगे. इससे पहले प्रद्युम्न कुमार राष्ट्रीय संगठक के पद पर काम कर रहे थे, जिनका नवंबर 2024 में निधन हो गया था.

गौरतलब है कि आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री के तौर पर लंबे समय तक काम करने वाले नागेंद्र पर्दे के पीछे रह कर काम करने वाले नेता माने जाते हैं. वे बाद में बीजेपी में आए और लंबे समय तक संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे. उन्होंने 2003 से 2011 तक उत्तर प्रदेश संगठन महामंत्री के तौर पर काम किया. इसके बाद उन्हें बिहार लाया गया, जहां उन्होंने करीब एक दशक तक प्रदेश संगठन महामंत्री के तौर पर पार्टी को मजबूत किया. अगस्त 2021 में उन्हें नया दायित्व दिया गया, जब उन्हें बिहार और झारखंड दोनों राज्यों का क्षेत्रीय संगठन महामंत्री बनाया गया. 

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नागेंद्र का जन्म 1955 में उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले (पूर्व में बस्ती जिला) के बेलौली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. वे स्कूली दिनों से ही संघ से जुड़ गए थे. वे अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं. कार्यकर्ताओं को अवसर देना और उनका मार्गदर्शन करना उनकी खूबियों में गिना जाता है. 

अजेय कुमार को बनाया राजस्थान बीजेपी संगठन मंत्री

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज अजेय कुमार को राजस्थान बीजेपी का संगठन महामंत्री भी नियुक्त किया. वे अभी तक उत्तराखंड बीजेपी में इस पद पर थे. यह भी एक दिलचस्प निर्णय है, क्योंकि उत्तराखंड में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाला है. राजस्थान में यह पद जनवरी 2024 से खाली था. उस समय चंद्रशेखर को राजस्थान से तेलंगाना भेजा गया था. 

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संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी आरएसएस से आए प्रचारकों को दी जाती है. बीजेपी में संगठन महामंत्री का पद बहुत अहम होता है. संगठन महामंत्री मूलत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पूर्णकालिक प्रचारक होता है और वह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच कड़ी के रूप में काम करता है. 

हालांकि, अभी कई राज्यों में ये पद रिक्त हैं क्योंकि संघ ने प्रचारकों को बीजेपी में भेजना बंद कर दिया है. इसके पीछे कारण यह बताया गया है कि संघ से जुड़े अन्य संगठनों का विस्तार हुआ है और वहां भी प्रचारकों की आवश्यकता होती है. 

संगठन मंत्री का कहां-कहां खाली है पद

अभी कई राज्यों में बीजेपी संगठन महामंत्रियों के पद खाली हैं. तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और गोवा में यह पद रिक्त हैं. मध्य प्रदेश में हितानंद शर्मा और उत्तर प्रदेश में धर्मपाल सिंह संघ से बीजेपी में आने वाले आखिरी संगठन महामंत्री थे. हालांकि इस साल जनवरी में हितानंद को बीजेपी से वापस बुला कर संघ ने मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक प्रमुख का दायित्व दे दिया. 

केंद्रीय संगठन में अभी बी एल संतोष लंबे समय से संगठन महामंत्री का दायित्व निभा रहे हैं. उनके साथ सह-संगठन मंत्री का काम रहे सौदान सिंह को दिसंबर 2020 में पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया था. जबकि एक अन्य सह-संगठन मंत्री के रूप में ही जिम्मेदारी संभाल रहे वी. सतीश को नवसृजित पद ‘संगठक' पर नियुक्त किया गया था. तीसरे सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश अपने पद पर काम कर रहे हैं, लेकिन उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया गया था. वे मध्य-प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में पार्टी गतिविधियों को देख रहे हैं.

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