- मिडिल ईस्ट युद्ध से गैस आपूर्ति बाधित होने पर साइबर ठग महानगर गैस के नाम पर ठगी कर रहे हैं
- स्कैमर्स APK फाइल भेजकर बकाया बिल का भुगतान कराने का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते खाली कर देते हैं
- पुलिस ने लोगों को अज्ञात लिंक या फाइल पर भरोसा न करने और सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है
एक तरफ मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण गैस आपूर्ति में बाधा आई है, तो दूसरी तरफ साइबर ठगों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है. गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर नागरिकों को जाल में फंसाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले 10 दिनों में मुंबई के अलग-अलग थानों में ऐसे 10 मामले दर्ज किए गए हैं.
कैसे होती है ठगी?
स्कैमर्स खुद को महानगर गैस MGL का अधिकारी बताकर फोन करते हैं. वे कहते हैं कि आपका बिल बकाया है और आज ही गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा. भले ही आपने बिल भरा हो, वे 'वेरिफिकेशन' के नाम पर एक APK फाइल भेजते हैं और उसमें मात्र 13 या 21 रुपये का भुगतान करने को कहते हैं. जैसे ही कोई इस फाइल को डाउनलोड कर पेमेंट करता है, ठग उनके फोन का एक्सेस ले लेते हैं और कुछ ही देर में बैंक खाता खाली हो जाता है.
पुलिस ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराज रणवरे ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल पर भरोसा न करें. उन्होंने कहा, 'साइबर अपराधों के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए नागरिकों का सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है. आपके मोबाइल पर अक्सर एक मैसेज आता है, जिसमें कोई लिंक या APK फाइल हो सकती है. यदि आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं या उस फाइल को खोलते हैं, तो स्कैमर्स आपके मोबाइल को हैक कर सकते हैं और आपके बैंक खाते से पैसे उड़ा सकते हैं.'
आजकल व्हाट्सएप पर 'mahanagar gas.apk' नाम से एक फाइल भेजी जा रही है. इसमें महानगर पाइपलाइन गैस के नाम से मैसेज आता है कि 'आपका बिल बकाया है, यदि आज शाम 6 बजे तक बिल नहीं भरा गया तो आपकी गैस लाइन काट दी जाएगी.' यदि आप मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क करते हैं, तो वे आपको एक लिंक भेजते हैं. उस लिंक पर क्लिक करते ही आपका मोबाइल हैक होने का खतरा रहता है. ऐसी कोई भी घटना होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं. स्वयं सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें.''\
यह भी पढ़ें: महंगा हुआ हवाई सफर, एयर इंडिया के बाद इंडिगो ने भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू किया सरचार्ज
प्रमुख घटनाएं: बुजुर्ग बन रहे आसान निशाना
ठगों ने पिछले कुछ दिनों में लाखों रुपये की चपत लगाई है.
- परेल: 70 वर्षीय रमेश सुराणा से MGL के नाम पर संपर्क किया गया. APK फाइल के जरिए पेमेंट करते ही उनके खाते से 6.90 लाख रुपये साफ हो गए.
- वडाला: 72 वर्षीय विजय चौहान को कनेक्शन कटने का डर दिखाकर APK फाइल इंस्टॉल करवाई गई और उनसे 8.25 लाख रुपये लूट लिए गए.
- विले पार्ले: शामल सप्रे (70) को पिन कोड डालने के लिए कहा गया, जिससे उन्होंने 4.36 लाख रुपये गंवा दिए. इसी इलाके के शांतनु कर्णिक (66) से 13 रुपये का भुगतान करवाकर 6.99 लाख रुपये की ठगी की गई.
- कांजुरमार्ग और बोरिवली: समर चव्हाण (33) से 2.82 लाख और सतीश अमरगोंड (37) से 4.18 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई.
यह भी पढ़ें: क्या है अजीब सा नाम वाला 'म्याऊं-म्याऊं' ड्रग? युवाओं में क्यों है इतना पॉपुलर, साइड इफेक्ट भी जान लीजिए













