Monsoon In Delhi: मानसून ने मुंबई सहित देश के कई राज्यों में दस्तक दे दी है, लेकिन 'अल नीनो' के कारण कुल बारिश अब तक सामान्य से 43% कम हुई है. इससे खरीफ फसलों की बुवाई पर सीधा असर पड़ा है. इस हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जिला स्तर पर कंटिंजेंसी प्लान लागू करने की तैयारी कर ली है.
खेती बचाने के लिए क्या है सरकार का बैकअप प्लान?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमवार तक देशभर में महज 60.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे दलहन और तिलहन जैसी फसलों की खेती पिछड़ रही है. किसानों को इस संकट से उबारने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मंगलवार को राज्यों और मौसम विभाग के साथ अहम समीक्षा बैठक की. इस दौरान कृषि आयुक्त पीके सिंह ने स्पष्ट किया कि साल 2015 के मुकाबले देश का सिंचाई ढांचा अब काफी मजबूत है. हमारे पास गेहूं और चावल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जरूरत पड़ने पर आयात का विकल्प भी खुला है. अगर बारिश में और देरी होती है, तो किसानों को कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें उगाने की सलाह दी जाएगी.
मुंबई को राहत, लेकिन ऑरेंज अलर्ट ने बढ़ाई टेंशन
हालांकि, पानी की कटौती और भीषण गर्मी झेलने के बाद 23 जून को मुंबईवासियों ने राहत की सांस ली है. इसके साथ ही मानसून ने मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों को कवर कर लिया है. हालांकि, बीएमसी और मौसम विभाग ने मुंबई व रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और अचानक बिजली कड़कने की चेतावनी है. निचले इलाकों में जलभराव और समंदर में तूफानी हवाओं के खतरे को देखते हुए मछुआरों को 26 जून तक गहरे पानी में जाने से रोक दिया गया है.
दिल्ली-NCR में आंधी-तूफान, NDMC ने उठाए सख्त कदम
देश की राजधानी दिल्ली में भले ही अभी प्रॉपर बारिश का इंतजार हो, लेकिन मौसम विभाग ने 25 जून तक यहां गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन शहर की आबोहवा अभी भी 'खराब' (आनंद विहार का एक्यूआई 246) बनी हुई है. दूसरी तरफ, बारिश के दिनों में जलभराव और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए एनडीएमसी ने बड़ा कदम उठाया है. लुटियंस दिल्ली इलाके में 1 जुलाई से 30 सितंबर तक सड़कों की किसी भी तरह की खुदाई पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. इस अवधि में सिर्फ बेहद आपातकालीन काम ही अध्यक्ष की विशेष मंजूरी से किए जा सकेंगे.
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