लखीमपुर कोर्ट ने फैक्टचेकर मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका खारिज की

इससे पहले कोर्ट ने जुबैर को मामले की सुनवाई के बाद 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया था. जुबैर की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई को पूरी हो रही है

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नई दिल्ली:

आपत्तिजनक ट्वीट से जुड़े मामले में यूपी के लखीमपुर कोर्ट ने  Alt News के सह संस्‍थापक मोहम्‍मद जुबैर (Mohammed Zubair)की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. इससे पहले कोर्ट ने जुबैर को मामले की सुनवाई के बाद 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया था. जुबैर की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई को पूरी हो रही है लेकिन उन्होंने इससे पहले ही जमानत के लिए अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. बता दें कि आपत्तिजनक ट्वीट मामले में जुबैर के खिलाफ सितंबर 2021 में एक केस दर्ज हुआ था. जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब जुबैर को सीतापुर जेल में ही रहना होगा.

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (एसपीओ) एसपी यादव ने कहा, "अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकील की दलीलें सुनने के बाद एसीजेएम रुचि श्रीवास्तव ने मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका खारिज कर दी." यादव ने कहा कि जुबैर के पुलिस रिमांड पर 20 जुलाई को सुनवाई होनी है.

लखीमपुर खीरी पुलिस ने प्राथमिकी के संबंध में जुबैर को अदालत में पेश होने के लिए वारंट जारी किया था. मोहम्मदी थाना प्रभारी अंबर सिंह ने कहा था कि जुबैर के खिलाफ मामला पिछले साल 25 नवंबर को एक निजी समाचार चैनल के रिपोर्टर आशीष कटियार द्वारा दर्ज किया गया था.

उन्होंने कहा, "अपनी शिकायत में कटियार ने जुबैर पर उनके चैनल के बारे में ट्वीट कर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया था". 

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बता दें कि मोहम्मद जुबैर ने अपने खिलाफ कराए गए छह FIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है. इस याचिका में उन्होंने कोर्ट से अपने खिलाफ उत्तर प्रदेश में हुई छह FIR को रद्द करने की मांग की है. इस याचिका में जुबैर के उनके खिलाफ जांच के लिए बनाई गई SIT की संवैधानिकता पर को भी चुनौती दी है. बता दें कि बीते कुछ दिनों में मोहम्मद जुबैर के खिलाफ यूपी के मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, सीतापुर, लखीमपुर और हाथरस में 6 FIR दर्ज की गई हैं. सुप्रीम कोर्ट में दी गई अपनी याचिका में मोहम्मद जुबैर ने इन सभी एफआईआर की तफ्तीश के लिए एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के गठन का भी विरोध किया है. यूपी सरकार ने कुछ दिन पहले ही यूपी पुलिस के आईजी की अगुवाई में एक SIT के गठन का ऐलान किया है.

वहीं, आपत्तिजनक ट्वीट से जुड़े मामले में दिल्‍ली की एक अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद जुबैर को यूपी के सीतापुर ले जाया गया था. जहां उनके खिलाफ तीन व्‍यक्तियों के खिलाफ ट्वीट के जरिये धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज किया गया है. इस ट्वीट में महंत बजरंग मुनि, यति नरसिंहानंद सरस्‍वती और आनंद स्‍वरूप को निशाना बनाया  गया था और इन तीनों को नफरत फैलाने वाला बताया गया है. खैराबाद इलाके हिंदू शेर सेना के जिला अध्‍यक्ष भगवान शरण की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था.

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Alt-News के सह-संस्‍थापक के खिलाफ यह शिकायत 1 जून को दर्ज कराई गई थी. मोहम्मद जुबैर ने दिल्ली में दर्ज मामले में जमानत के लिए सेशन कोर्ट का रुख किया था. सेशन कोर्ट जुबैर की जमानत याचिका पर कल सुनवाई करेगा. बता दें कि सीएमएम कोर्ट ने दो जुलाई को उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. 
जुबैर को पहली बार 27 जून को अरेस्‍ट किया गया था जब एक ट्विटर पोस्‍ट के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. उनके खिलाफ हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया था.

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