मेरठ मेट्रो ही नहीं, दिल्ली NCR को मिलने वाले हैं ये चार बड़े तोहफे

प्रधानमंत्री मोदी 22 फरवरी को मेरठ मेट्रो और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का उद्घाटन करेंगे, जिससे दिल्ली एनसीआर के यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे मार्च 2026 में खुलने वाला है, जिससे दूरी कम होकर यात्रा समय घटेगा.

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  • प्रधानमंत्री मोदी 22 फरवरी को मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे, जो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 12 स्टेशनों पर चलेगी
  • दिल्ली से देहरादून के बीच 210 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे मार्च 2026 में खुलने वाला है
  • जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन मार्च 2026 में संभावित है, यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा
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नई दिल्‍ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 22 फरवरी को मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 12 स्टेशनों के बीच ये मेट्रो चलेगी. 120 किलोमीटर के साथ ये देश की सबसे तेज मेट्रो होगी. पीएम मोदी इसके साथ दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ तक रैपिड रेल के पूरे रूट का भी उद्घाटन करेंगे. इससे 82 किलोमीटर का रैपिड रेल यानी नमो भारत ट्रेन का रूट पूरा हो जाएगा. हालांकि, दिल्ली एनसीआर को जल्द कई और बड़े तोहफे मिलने वाले हैं. इसका फायदा दिल्‍ली एनसीआर के करोड़ों लोगों को होगा. क्‍या हैं, ये 4 बड़े तोहफे और कब तक ये मिलेंगे... आइए आपको बताते हैं.

 
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से घटेगी पहाड़ और मैदान की दूरी

दिल्‍ली और देहरादून के बीच दूरियां जल्‍द ही कम होने वाली हैं. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम इस समय फुल स्‍पीड में चल रहा है. इस हाईवे को लेकर सबसे ताजा अपडेट यह है कि यह अब पूरी तरह चालू होने के बेहद करीब है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर सकते हैं. 28 फरवरी 2026 से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंतिम खंडों पर ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी है. बता दें कि दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत (EPE) तक का लगभग 32 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही ट्रायल और यातायात के लिए काफी हद तक तैयार हो चुका है.

क्‍यों दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे हाईवे है खास?

  • हाईवे चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी, जिसमें अभी 6-7 घंटे लगते हैं.
  • हाईवे की कुल लंबाई 210 किलोमीटर है. 
  • यह दिल्ली (अक्षरधाम), बागपत, शामली, और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाएगा.
  • एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: इस हाईवे पर राजाजी नेशनल पार्क के पास 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड (ऊंचा) रास्ता बनाया गया है, ताकि जानवरों को कोई परेशानी न हो.

जेवर एयरपोर्ट से नोएडा को लगेंगे 'पंख'

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का बड़ी तेजी से चल रहा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयानों और निर्माण की गति को देखते हुए ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि एयरपोर्ट का उद्घाटन मार्च 2026 में हो सकता है. ऐसी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसका उद्घाटन करेंगे. एयरपोर्ट का रनवे, एटीसी (ATC) टावर और पैसेंजर टर्मिनल का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार है. इधर, DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से 'एयरोड्रम लाइसेंस' मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. जैसे ही यह लाइसेंस मिल जाएगा, उद्घाटन की सटीक तारीख घोषित कर दी जाएगी. उद्घाटन के तुरंत बाद पहले चरण में घरेलू उड़ानें (Domestic Flights) शुरू होंगी. अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इसके कुछ महीनों बाद (2026 के मध्य तक) शुरू होने की उम्मीद है.

कैसा है नोएडा का जेवर एयरपोर्ट?

  • यह उत्तर प्रदेश का 5वां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा.
  • जेवर एयरपोर्ट पर शुरुआत में सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे.
  • इसे दुनिया के सबसे आधुनिक और इको-फ्रेंडली (Greenfield) एयरपोर्ट्स में से एक बनाया गया है.

गंगा एक्सप्रेसवे... घटाएगा मेरठ से प्रयागराज की दूरी 

उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के उद्घाटन 25 से 31 मार्च 2026 के बीच होने की पूरी संभावना है. आम जनता के लिए 1 अप्रैल 2026 से इसे पूरी तरह से वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा और इसी दिन से टोल वसूली भी शुरू हो सकती है. उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लोकार्पण के लिए आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है. एक्सप्रेसवे का मुख्य मार्ग का काम 96% से अधिक पूरा हो चुका है. अभी टोल मैनेजमेंट सिस्टम और सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए तकनीकी ट्रायल किए जा रहे हैं. इस एक्सप्रेसवे पर जानवरों और अवैध प्रवेश को रोकने के लिए कंक्रीट की बाउंड्री वॉल और मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं. मेरठ से प्रयागराज के बीच की 594 किलोमीटर की दूरी जो अभी 12 घंटे में तय होती है, इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद मात्र 6 से 7 घंटे में पूरी हो सकेगी. इस एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से वाहन चलाने की अनुमति होगी, जिससे समय की काफी बचत होगी.

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