एमसीडी चुनाव : कैश फॉर टिकट मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को जेल भेजा

एसीबी ने आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विकास ढुल की अदालत में पेश किया, आरोपी ओम सिंह और शिव शंकर पांडे को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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प्रतीकात्मक फोटो.
नई दिल्ली:

दिल्ली के नगर निगम चुनाव (Delhi MCD Elections) में कैश फॉर टिकट मामले में कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया है.  दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विकास ढुल की अदालत में पेश किया. एसीबी ने ओम सिंह और शिव शंकर पांडे की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की. एसीबी ने दोनों आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की. अदालत ने आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

आम तौर पर कोर्ट 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजता है, लेकिन इस मामले के तीसरे आरोपी प्रिंस रघुवंशी को कोर्ट ने दो दिन पहले ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है इसलिए इन आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. अब आरोपियों को 30 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

सुनवाई के दौरान मामले में शिकायतकर्ता गोपाल खारी ने कोर्ट से सुरक्षा की मांग की. शिकायतकर्ता गोपाल खारी के वकील ने कहा कि उसको लगातार धमकियां मिल रही हैं. लगातार केस वापस लेने की धमकियां मिल रही हैं. उसके पास अपनी सुरक्षा के लिए कोई हथियार भी नहीं है. कोर्ट ने शिकायतकर्ता से डिस्ट्रिक्ट जज के पास विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत सुरक्षा की मांग करने के लिए कहा.

इससे पहले गुरुवार को एसीबी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव का टिकट दिलवाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत लेने के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी से करीब 11 घंटे तक पूछताछ की थी. पूछताछ के दौरान त्रिपाठी ने उनके और उनके रिश्तेदार सहित उनके सहयोगियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया.

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एसीबी ने निगम चुनाव में ‘आप' के एक कार्यकर्ता गोपाल खारी की पत्नी के लिए टिकट की व्यवस्था कराने को लेकर कथित तौर पर 90 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में मंगलवार को त्रिपाठी के रिश्तेदार और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था.

एक अधिकारी ने कहा कि, ‘‘अखिलेश पति त्रिपाठी से करीब 11 घंटे तक पूछताछ की गई. त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने और उनके रिश्तेदार समेत उनके सहयोगियों ने आप कार्यकर्ता से कोई पैसा नहीं लिया.'' अधिकारी ने कहा कि मॉडल टाउन से आप विधायक ने दावा किया कि वह कभी खारी से नहीं मिले. उन्होंने कहा कि दावों के सत्यापन के लिए विधायक और उनके सहयोगियों के आवास और कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी.

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रिश्वत का यह कथित मामला सोमवार को उस समय प्रकाश में आया, जब आप कार्यकर्ता गोपाल खारी अपनी शिकायत लेकर एसीबी के पास पहुंचे. खारी का दावा है कि वह 2014 से ‘आप' के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. एसीबी ने बताया था कि खारी ने नौ नवंबर को विधायक त्रिपाठी से मुलाकात कर अपनी पत्नी को कमला नगर के वार्ड नंबर-69 से पार्षद चुनाव के लिए ‘आप' का टिकट दिलाने का अनुरोध किया था.

शिकायत के मुताबिक, त्रिपाठी ने टिकट के बदले कथित तौर पर 90 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद खारी ने उन्हें 35 लाख रुपये का भुगतान किया था. शिकायत के अनुसार, त्रिपाठी के कहने पर खारी ने ‘आप' विधायक राजेश गुप्ता को भी 20 लाख रुपये दिए थे. शिकायत में दावा किया गया है कि खारी ने त्रिपाठी से कहा था कि वह बाकी राशि का भुगतान टिकट मिलने के बाद करेंगे. हालांकि ‘आप' द्वारा रविवार को जारी उम्मीदवारों की सूची में खारी को अपनी पत्नी का नाम नहीं दिखा.

शिकायत के अनुसार, बाद में त्रिपाठी के रिश्तेदार ओम सिंह ने खारी से संपर्क किया और भरोसा दिलाया कि उन्हें अगले चुनाव में टिकट दिया जाएगा. शिकायत के मुताबिक, सिंह ने खारी को रिश्वत की रकम लौटाने की पेशकश भी की.

एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि के भुगतान और वापसी के दौरान हुई कथित बातचीत की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी पेश की है. एमसीडी के 250 वार्ड के लिए चार दिसंबर को मतदान होगा और सात दिसंबर को मतगणना होगी.
(इनपुट भाषा से भी)

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