- बेंगलुरु की नव्याश्री ने विजय राज गौड़ा नामक व्यक्ति से शादी का झांसा देकर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक ठगे गए
- आरोपी ने खुद को अमीर बिजनेसमैन बताया और अपने परिवार के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई थी
- लड़के ने अपनी पत्नी को बहन बताकर नव्याश्री से परिचय कराया था, जबकि वह पहले से विवाहित था
बेंगलुरु में एक लड़की के साथ हुई ठगी, किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसी है. एक लड़की को शादी का झांसा देकर डेढ़ करोड़ रुपये लड़के ने ठग लिये. लड़की ने जब अपने पैसे मांगे, तो सच्चाई जान उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़के की पूरी फैमिली फ्रॉड निकली, जिन्होंने ठगी में पूरा-पूरा साथ दिया. जिस लड़की को बहन बताकर गर्लफ्रेंड से मिलवाया था, वो असल में लड़के की पत्नी निकली. मामला बेंगलुरु के केंगेरी का है, जहां एक महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. लड़की ने आरोप लगाया है कि एक शख्स ने उससे शादी करने का वादा किया और खुद को अमीर बिजनेसमैन के रूप में पेश करके उससे 1.53 करोड़ रुपये से अधिक ठग लिये.
पहली मुलाकात में बताया खुद को करोड़पति
लड़की ने जब आपबीती बताई, तो पुलिसवाले भी हैरान रह गए. एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता नव्याश्री व्हाइटफील्ड स्थित एक पीजी में रहती हैं. नव्याश्री ने बताया कि मार्च 2024 में वह विजय राज गौड़ा उर्फ विजय बी. से ओक्कालिगा मैट्रिमोनी के जरिए मिली थी. विजय ने खुद को वीआरजी एंटरप्राइजेज का मालिक, साथ ही बेंगलुरु के राजाजीनगर और सदाशिवनगर में क्रशर, लॉरी, जमीन और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टियों का मालिक बताया. उन्होंने कथित तौर पर 2019 के ईडी मामले से संबंधित जमानत की एक कॉपी भी शेयर की और 715 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का दावा करके उनका विश्वास जीता.
पूरे परिवार ने मिलकर ठगा!
नव्याश्री ने बताया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से शादी करने का वादा किया और अपने परिवार से भी मिलवाया. इस बीच 4 अप्रैल, 2024 को बैंक खाते की समस्या का हवाला देते हुए लड़के ने कथित तौर पर PhonePe के जरिए उससे 15,000 रुपये ले लिए. इसके बाद, उसने उसे कर्ज लेने और दोस्तों से साथ मिलकर व्यापार करने के बहाने पैसे उधार लेने के लिए राजी कर लिया. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने बाद में केंगेरी मेट्रो स्टेशन पर अपने परिवार के सदस्यों से मिलवाया , जिनमें उसके पिता कृष्णप्पा बी. गौड़ा उर्फ बोर गौड़ा यू.जे. बहन सुशीदीपा के. गौड़ा उर्फ सौम्या और माता नेत्रावती के. गौड़ा शामिल थे. उसके पिता ने कथित तौर पर खुद को सेवानिवृत्त तहसीलदार बताया और वीआरजी एंटरप्राइजेज के चेक जारी करके भुगतान का आश्वासन दिया.
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लड़की ही नहीं, उसके परिवार और दोस्तों को भी ठगा
एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता के दोस्तों को भी निवेश करने के लिए उकसाया, जिसके बाद भरत कुमार और उनके सहयोगी कार्तिकेयन ने अलग-अलग तारीखों पर शिकायतकर्ता के खाते से 66 लाख रुपये और शिवकुमार ने 23 लाख रुपये ट्रांसफर किए. जब भुगतान की मांग की गई, तो आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया कि अदालती मामले के कारण उसके बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और अदालती आदेशों की प्रतियां पेश कीं. बाद में लड़के ने शिकायतकर्ता के माता-पिता से संपर्क किया और उन्हें अदालत और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रतियां दिखाईं. दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच, लड़के ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के पिता से 10.5 लाख रुपये, उसकी मां से 7 लाख रुपये और उसकी सेवानिवृत्ति निधि सहित 11 लाख रुपये ठग लिये. एफआईआर में आगे कहा गया है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के गहने गिरवी रखकर 10 लाख रुपये और उसके भाई-बहनों से 5 लाख रुपये भी प्राप्त किए.
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पत्नी को बहन बनाकर गर्लफ्रेंड से मिलवाया
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने कई बैंक खातों के माध्यम से कुल 1,75,66,890 रुपये एकत्र किए, जिनमें से केवल 22,51,800 रुपये लौटाए गए, जिससे 1,53,15,090 रुपये बकाया रह गए. एफआईआर के अनुसार, जब शिकायतकर्ता बाद में आरोपी के घर पैसे वापस मांगने गई, तो उसे पता चला कि लड़का पहले से ही शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. लड़के ने जिस महिला को उसकी बहन बताया गया था, वह असल में उसकी पत्नी निकली, जिससे उसकी तीन साल पहले शादी हुई थी. उसने आगे आरोप लगाया कि आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने मिलकर उसे धोखा दिया और बाद में जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उसे और उसके दोस्तों को जान से मारने की धमकी दी. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2), 318(4), 316(2), 351(3) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.













